नव वर्ष में नए सिरे से होगा आजसू का गठन
जिलाध्यक्ष के बगैर पार्टी ने लड़ा विधानसभा चुनाव, कई नेता दे चुके हैं इस्तीफा
विधानसभाचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की कुर्सी खाली हो गई है। केंद्रीय स्तर के कई पदाधिकारियों ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है। जिलाध्यक्ष के बगैर आजसू पार्टी ने विधानसभा का चुनाव लड़ा।
23 दिसंबर को मतगणना के बाद पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें पूर्वी सिंहभूम में आजसू संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की रणनीति बनाई जाएगी।
विधानसभा चुनाव में आजसू पार्टी का भाजपा से गठबंधन हो गया। केंद्रीय महासचिव कान्हू सामंत ने घाटशिला, जिलाध्यक्ष समीर मोहंती ने बहरागोड़ा, कार्यकारी जिलाध्यक्ष रोड़ेया सोरेन ने पोटका और महानगर अध्यक्ष बाबर खान ने जमशेदपुर पश्चिम से चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। चंद्रगुप्त सिंह को पहले ही जमशेदपुर पूर्वी का प्रभारी बनाकर उन्हें टिकट देने का संकेत दिया गया था। भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन के कारण आजसू पार्टी को सिर्फ जुगसलाई से चुनाव लड़ने का मौका मिला। नतीजतन, विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं ने आजसू से इस्तीफा दे दिया। समीर मोहंती झाविमो में चले गए और बहरागोड़ा से चुनाव लड़ा। कान्हू सामंत ने घाटशिला से निर्दलीय चुनाव लड़ा है। उनकी आजसू पार्टी में वापसी की संभावना खुली हुई है। रोड़ेया सोरेन, बाबर खान और सुनील महतो झामुमो में शामिल हो गए।
फिलहाल आजसू पार्टी का कोई जिलाध्यक्ष है, महानगर अध्यक्ष। झारखंड के दूसरे हिस्सों में विधानसभा चुनाव चल रहा है। इसलिए आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने फिलहाल इस मसले को टाल दिया है। केंद्रीय संगठन सचिव सपन सिंहदेव ने कहा कि हमें यकीन है कि भाजपा और आजसू पार्टी की सरकार बनेगी। सरकार गठन का काम पूरा होने के बाद नए साल में जिला और महानगर कार्यसमिति का नए सिरे से गठन हो जाएगा। कुछ लोगों के जाने से पार्टी पर असर नहीं पड़ता। हम कार्यकर्ताओं से मिलकर पार्टी को पूर्वी सिंहभूम में और मजबूत करेंगे।