भारतीयरेलवे को दे
एक साल पहले रेलवे ट्रैफिक कॉलोनी लोको कॉलोनी की सड़क की मरम्मत हुई थी। लेकिन मरम्मत होने के तीन माह बाद सड़क की हालत खराब हो गई। सड़क पर चलना दुर्घटना को दावत देने के समान है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं। वहीं रेलवे कॉलोनियों में नियमित सफाई नहीं होती है। जहां-तहां कचरा नाली का पानी सड़क पर बह रहा है।
भारतीयरेलवे को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कही जाती है। वित्तीय वर्ष 2014-15 के आठ माह में रेलवे को राजस्व के रूप में दोगुनी कमाई हुई है। इसको लेकर रेल मंत्रालय काफी उत्साहित है। मगर, जमशेदपुर में रेलवे कॉलोनियों की स्थिति काफी बदतर है। यहां साफ-सफाई के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। मरम्मत के अभाव में भवनों की स्थिति जर्जर हो गई है। अगर समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो भवन खंडहर में तब्दील हो जाएगा। सड़क की हालत भी अच्छी नहीं है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। टाटानगर रेल क्षेत्र की ट्रैफिक कॉलोनी, लोको रेलवे कॉलोनी की सड़कों की काफी दिनों से मरम्मत नहीं कराई गई है। मालूम हो कि लोको रेलवे कॉलोनी की सड़क तकरीबन एक वर्ष पूर्व बनाई गई थी। वहीं, ट्रैफिक कॉलोनी की सड़क कीताडीह, बागबेड़ा, हरहरगुट्टू को जोड़ती है। यहां से हर दिन दस हजार से भी ज्यादा लोगों का आना-जाना होता है। मगर, जर्जर सड़क के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है।
सड़क की स्थिति हो गई जर्जर
सड़क पर बह रहा नाली का पानी
स्टेशन मॉडल, क्वार्टर जर्जर
राजस्व में बढ़ा, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति
रेलवे कॉलोनी जाने वाली सड़क हो गई जर्जर।