भक्त के वश में होते हैं भगवान : दास
जमशेदपुर। भालूबासाशीतला मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा का गुरुवार को छठा दिन था। इस दौरान वृंदावन से आए सीताराम दास ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म होने पर नंदजी ने गाय और सोना-चांदी दान दिया था। वहीं, महिलाओं ने बधाई गीत गाए। कृष्ण जन्म की खबर मिलने पर कंस ने छह माह तक के सभी बच्चों का वध करने का आदेश दिया। पूतना राक्षसी ने विषपान के जरिए श्रीकृष्ण को मारना चाहा। श्रीकृष्ण ने स्तनपान कर उसके प्राण हर लिए। वहीं, दासजी ने ग्वालों के साथ गाय चराते समय सकठासुर, अघासुर और बकासुर के वध का वर्णन किया। माखन चोरी प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने कहा कि भगवान तो भक्त के वश में होते हैं। दासजी ने गोवर्धन पूजा, रासलीला और कंस वध प्रसंग को संगीत की मधुर ध्वनि के साथ प्रस्तुत किया। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।