आज से ले सकेंगे मेले का आनंद
दुर्गापूजा को उत्सवी रंग देता है मेला, जिसके बगैर शहरवासियों की पूजा पूरी नहीं होती। दुर्गा पूजा को लेकर शहर के पूजा पंडाल बनकर तैयार हो गए हैं। सोमवार से मेला की शुरुआत हो जाएगी। पूजा के अवसर पर लगने वाले मेले का इंतजार सबको रहता है। शहर में कुछ खास स्थानों पर मेला लगता है, जहां लोग जरूर जाते हैं। टेल्को के सबुज कल्याण संघ, काशीडीह के ठाकुर प्यारा सिंह-धुरंधर सिंह क्लब और बर्मामाइंस के मेले आकर्षण के केंद्र होते हैं।
सबुज कल्याण संघ में 42 साल से हो रही दुर्गा पूजा का अपना रंग है। स्ट्रक्चरल पंडाल होते हुए भी यह शहरवासियों, खासकर बंगभाषियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होता है। मेला के सोशल सेक्रेटरी विप्लव बनर्जी ने बताया कि यहां मेला का उद्घाटन 29 सितंबर को टाटा मोटर्स के प्लांट हेड एबी लाल करेंगे। मेला 8 अक्टूबर तक रहेगा। पूजा के दौरान लोगों को मैनेज करने के लिए सबुज कल्याण संघ के 50 से ज्यादा वॉलेंटियर्स, सिविल डिफेंस के कार्यकर्ता और स्थानीय पुलिस रहेंगे। संघ परिसर में 6 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा मेले में लगने वाले स्टॉलों पर सुनिश्चित किया जाएगा कि खाने की क्वालिटी सही हो।
मेलाका आकर्षण : 70स्टॉल, 15 फूड स्टॉल, ब्रेक डांस, ज्वाइंट व्हील समेत बच्चों के झूले।
बर्मामाइंस पूजा मैदान
बर्मामाइंसपूजा मैदान में लगने वाला मेला शहर का सबसे पुराना प्रसिद्ध मेला है। यहां बिजली झूला, ड्रैगन झूला, बच्चों के लिए टॉय ट्रेन, एयर झूला, जीप कार की सवारी करने का आनंद मिलेगा। खाने-पीने के साथ ही महिलाओं के साजो-सामान घरेलू उपयोग के सामान भी मिलते हैं। यहां का मेला षष्ठी से लेकर लख्खी (लक्ष्मी) पूजा तक रहता है।
मानगोगांधी मैदान
मानगोके गांधी मैदान में भी मेला लगता है। यह मानगो क्षेत्र एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां दुर्गा पूजा के अवसर पर मेला का आयोजन होता है। इसकी खासियत है कि यहां जाति धर्म से ऊपर एकता का भाव देखने को मिलता है। हिंदू के अलावा अन्य दूसरे समुदाय के लोग भी मेला का आनंद लेने आते हैं। मेला में झूला के अलावा घरेलू सजावटी वस्तुएं, डिजाइनर पॉट की बिक्री भी होती है। यहां मेला का आयोजन षष्ठी से लेकर एकादशी तक होता है।
बिरसानगरसंडे मार्केट
यहांलगने वाला मेला शहर के अन्य स्थानों के मुकाबला छोटा जरूर होता है, लेकिन बच्चों महिलाओं के आनंद के ल