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काॅमन लाॅ एप्टीट्यूट टेस्ट के पैटर्न में बदलाव
कॉमनलॉ एप्टीट्यूट टेस्ट (क्लेट-2015) में हर वर्ष छात्रों की संख्या बढ़ रहा है। पिछले दो वर्षों में हिंदी मीडियम परीक्षार्थियों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन सफलता का प्रतिशत हिंदी की तुलना में अंग्रेजी मीडियम के छात्रों का अधिक रहता है। इसकी वजह परीक्षा का पेपर इंग्लिश में आना है।
हिंदी माध्यम के छात्रों की घटती सफलता दर को देखते हुए इस वर्ष से इसमें बदलाव किया गया है। अब हिंदी मीडियम के छात्रों के लिए क्लेट में इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी में भी प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे हिंदी मीडियम के परीक्षार्थियों का सफलता प्रतिशत बढ़ेगा। इस वर्ष क्लेट के आयोजन की जिम्मेवारी डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, लखनऊ को दी गई है।
>>नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु
>>नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद
>>नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल
>>वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेस, कोलकाता
>>नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर
>>हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर
>>गुजरात लॉ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर
>>डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, लखनऊ
>>राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पटियाला
>>चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी, पटना
>>नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस लीगल स्टडीज, कोच्चि
>>नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ओड़िशा
>>नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची
>>नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एंड ज्यूडिशियल एकेडमी, असम
>>दमोदरम संजीवय्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, विशाखापटनम
>>तमिलनाडु नेशनल लॉ स्कूल, श्रीरंगम
इंग्लिश में आता था पेपर
क्लेट-2015 में शामिल हाेने वाले प्रतिभागी अब इंग्लिश और हिंदी दोनों माध्यम में परीक्षा दे सकेंगे। अभी तक यह परीक्षा सिर्फ इंग्लिश माध्यम में होती थी। इससे हिंदी मीडियम के छात्रों को प्रश्न समझने में परेशानी होती थी।
बढ़ेगीप्रतिस्पर्धा
हिंदीमीडियम में परीक्षा होने से इस वर्ष छात्रों की संख्या बढ़ेगी। वर्ष 2013 में 24 हजार अौर 2014 में 29 हजार अाठ सौ प्रतिभागी परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं, इस वर्ष कॉमन लॉ एप्टीट्यूट टेस्ट में प्रतिभागियों की संख्या 25 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
एक नजर
>>ऑनलाइनरजिस्ट्रेशन : एकजनवरी से 31 मार्च 2015 तक
>>परीक्षाकी तिथि :