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एडमिशन में सैनिकों के बच्चों को मिलेगी प्राथमिकता

7 वर्ष पहले
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शहरके निजी स्कूलों की इंट्री कक्षा में सत्र 2015-16 में होने वाली नामांकन प्रक्रिया में सैनिकों के बच्चों को प्राथमिकता मिलेगी। देश के लिए सैनिकों के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा निर्देश जारी किया जाएगा, जिसमें शहर के निजी स्कूलों से नामांकन प्रक्रिया में सैनिकों के बच्चों को प्राथमिकता देने को कहा जाएगा। वहीं, अगर कोई सैनिक बीच सत्र में अपने बच्चे का नामांकन कराने आए, तो उसका नामांकन लेने के लिए भी कहा जाएगा।

विभाग का मानना है कि सैनिकों की लगातार ट्रांसफर-पोस्टिंग होती रहती है। इसलिए उन्हें यह सुविधा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही स्कूलों में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया के बारे में भी विभाग द्वारा पूछा जाएगा। विभाग ने इस निर्देश से संबंधित पत्र तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे जल्द ही स्कूलों को भेज दिया जाएगा।

^देश के प्रति सैनिकों के योगदान को देखते हुए स्कूलों का यह दायित्व होना चाहिए कि वे अपने यहां नामांकन में उनके बच्चों काे प्राथमिकता दें। इसे लेकर विभाग भी अपनी तरफ से स्कूलों को निर्देश जारी करेगा।^ इंद्रभूषणसिंह, जिलाशिक्षा अधीक्षक

^निजीस्कूलों की प्रवेश प्रक्रिया में सैनिकों के बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन भी इसके पक्ष में है। लेकिन, कई मामले ऐसे आए हैं जहां सैनिक किसी और के बच्चों का नामांकन की पैरवी लेकर आते हैं, जो संभव नहीं है। ^एपीआर नायर,महासचिव,जमशेदपुर अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

मालूम हो कि पिछले एक साल से शिक्षा विभाग को शिकायत मिल रही थी कि सैनिक अपने बच्चे का नामांकन कराने स्कूल गए। लेकिन, वहां सीट फुल होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया गया। ऐसे कई सैनिक विभाग भी पहुंचे थे, जिनके बच्चों का नामांकन नहीं हुआ था।

स्कूलोंकी बैठक में लिया जाएगा निर्णय

नामांकनप्रक्रिया को लेकर जमशेदपुर अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की बैठक जल्द होगी, जिसमें नामांकन प्रक्रिया के साथ ही सैनिकों के बच्चों के दाखिले को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। एसोसिएशन के सदस्यों की मानें, तो अधिकतर स्कूल इसके पक्ष में हैं। अभी तक केएसएमएस केपीएस ग्रुप के स्कूलों में सैनिकों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है।

विभाग को मिल रही थी शिकायत