रामगढ़िया जाति की स्थिति बेहतर : आयोग
>> राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सिखों की आर्थिक सामाजिक स्थिति का लिया जायजा
भास्करन्यूज | जमशेदपुर
जमशेदपुरमें रहने वाले सिख रामगढ़िया (लोहार) जाति की स्थिति कहार छिम्बा (दर्जी) जाति से बेहतर है। इस बात का खुलासा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के जांच के दौरान हुआ। तीनों जातियों ने आयोग के समक्ष पिछड़ी जाति में शामिल करने के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद आयोग के अध्यक्ष जस्टिस लोकनाथ प्रसाद सदस्य केशव महतो कमलेश मंगलवार को जांच करने टुइलाडुंगरी गुरुद्वारा पहुंचे।
इस दौरान शहर में रहने वाले तीनों जातियों के लोग काफी संख्या में गुरुद्वारा में उपस्थित थे। उनलोगों ने आयोग के आवेदन प्रपत्र पर अपनी स्थिति का ब्योरा दर्ज कराया। इसके आधार पर केशव महतो कमलेश ने कहा कि लोहार जाति के लोग अन्य दूसरी जातियों की अपेक्षा ज्यादा संपन्न हैं। इस जाति में लड़के और लड़कियां दोनों ही पढ़े-लिखे हैं। सरकारी नौकरी में इनकी भागीदारी कम है, पर निजी प्रतिष्ठान में नौकरी में इनकी संख्या काफी है। आयोग की टीम ने कहार और दर्जी जाति की आर्थिक शैक्षणिक स्थिति का आंकड़ा जुटाया है। इन दोनों जातियों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर ही है। कमलेश ने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर आयोग की टीम रांची में बैठक करेगी। आयोग की टीम धनबाद के लिए रवाना हो गई। गुरुद्वारा में आयोग की टीम के अलावा जमशेदपुर की प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिता केरकेट्टा, सिख समाज के जसवीर सिंह, सरदार सेवा सिंह, चरणजीत सिंह, सोहन सिंह, महेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, जसवंत सिंह, मनोहर सिंह, राज कौर आदि मौजूद थे।