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1942 में बने आर्मी वाहन का होगा प्रदर्शन
टाटामोटर्स के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। साल 1942 में ब्रिटिश आर्मी की देखरेख में सेना के लिए बने वाहन (1942 मॉडल) का टाटा मोटर्स में प्रदर्शन किया गया।
प्लांट लीडरशिप टीम के सामने प्रदर्शित इस वाहन को लेकर अधिकारियों में जबरदस्त रोमांच दिखा। कंपनी के प्रवक्ता रंजीत धर ने बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध को लेकर टाटा स्टील के सहयोग से चार हजार आर्मी वाहन बने थे, जिनमें से दो वाहन जर्जर हालत में सोनारी आर्मी कैंप में पड़े मिले।
आर्मी के इन वाहनों को टाटा स्टील की स्टील से बनाया गया था। इसमें स्टील से बने प्लेट्स और एक्सल लगे हैं। वाहन में फोर्ड वी 8 का इंजन लगा है। यह वाहन वार जोन में एंटी टैंक के रूप में काम करता था।
टाटा मोटर्स ने इन वाहनों को विरासत के रूप में संजोए रखने के लिए इसकी मरम्मत कराई है। इनमें से एक वाहन को टाटा मोटर्स ने तीन मार्च 2014 को टाटा संस के चेयरमैन साइरस मिस्त्री और टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक (एमडी) टीवी नरेंद्रन को सौंपा था। दूसरे वाहन को टाटा मोटर्स ने अपने प्लांट में विरासत के तौर पर रखा है।
70 साल से जर्जर हालत में थे दोनों वाहन
दोनों वाहन पिछले 70 साल से जर्जर हालत में थे। इसे काफी रिसर्च के बाद वर्किंग स्थिति में लाया गया है। इसमें इंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर के साथ प्रशासन और कैपिटल इक्विपमेंट मैनुफैक्चरिंग टीम का सहयोग रहा। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी के प्लांट हेड एबी लाल ने कैप्टन पीजे सिंह को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।