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चांडिल डैम के सभी गेट खोले, शहर में बाढ़ का खतरा
भास्कर न्यूज | जमशेदपुर /चांडिल
चांडिलडैम से सटे गांवों को बचाने के लिए रविवार की शाम डैम के सभी रेडियल गेटों को खोल दिया गया। इससे सुवर्णरेखा और खरकई नदी के जलस्तर में भी देर रात वृद्धि हुई।
लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के चलते चांडिल डैम का जलस्तर 181.60 हो गया है। इसके कारण विस्थापित गांव झापागोड़ा, बनघर, नीमटांड, पलाशडीह, केन्दाआन्दा, ईचागढ़, बांकसाई, मैसाढा, गाढाडीह, खोखरो समेत दर्जनों गांवों में पानी घुसने लगा था। विस्थापित गांवों में पानी घुसने की सूचना पर चांडिल डैम के 8 रेडियल गेटों को 2-2 मीटर और दो रेडियल गेट 1-1 मीटर खोला गया। इधर, पानी बढ़ने की सूचना मिलते ही भाजपा नेता साधुचरण महतो रात करीब आठ बजे चांडिल डैम पहुंचे तथा डैम के 4 रेडियल गेट 3-3 मीटर एवं 9 रेडियल गेट को 2-2 मीटर खुलवा दिया। डैम के गेट खोले जाने के कारण चांडिल बाजार से मुखिया होटल जाने वाले रास्ते पर पानी गया था।
देर रात चांडिल एसडीओ नंदकिशोर गुप्ता और एसडीपीओ विमल कुमार ने डैम पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीओ ने बताया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। डैम के सभी 13 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं, फिलहाल विस्थापित गावों को कोई खतरा नही है। इधर लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर विस्थापितों में अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है। कई विस्थापित पलायन करने के मूड में हैं। लेकिन, देर रात एक गेट बंद कर दिया गया। समाचार लिखे जाने तक डैम के 12 गेट 4 मीटर तक खुले थे। इससे जमशेदपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बन गया।
रविवार शाम खुले चांडिल डैम के फाटक और रात को जायजा लेने पहुंचे एसडीओ एसडीपीओ।