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चार साल आपके भरोसे के

7 वर्ष पहले
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दैनिक भास्कर केजमशेदपुर संस्करण ने पाठकों के अपार स्नेह की बदौलत सफलता के चार साल पूरे कर लिए हैं। मैं इस अवसर पर आपको बधाई देता हूं। सामाजिक सरोकार और जन भागीदारी वाली दैनिक भास्कर की पत्रकारिता के प्रति आपका भरोसा और प्यार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पाठकों से मिला असीम प्यार हमारे लिए प्रेरणास्रोत है। सामाजिक सरोकार पर केंद्रित भास्कर की पत्रकारिता को आपने सराहा, इसके लिए मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं और भरोसा दिलाता हूं कि दैनिक भास्कर हमेशा आपका अखबार बना रहेगा।

झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा देखने के सपने के साथ आज से चार साल पहले दैनिक भास्कर ने यहां की धरती पर कदम रखा था। पाठकों का प्रभावी साथ मिलने से हमने बदलाव की मुहिम शुरू की। शहर में बढ़ते अपराध के खिलाफ हमने \\\'आइए बनाएं सेफ जमशेदपुर\\\' अभियान चलाया। मुहिम रंग लाई। पुलिस को वारदातों पर लगाम लगाने का अल्टीमेटम सरकार को देना पड़ा। आपकी जमीन और नाले पर हो रहे अतिक्रमण को हमने मुद्दा बनाया। आपके और हमारे संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप नाले को अतिक्रमणमुक्त बनाया गया। हमने स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त खामियों के खिलाफ सशक्त ढंग से आपकी आवाज उठाई।

यहां के जागरूक लोगों के मुद्दे उठाने के पीछे कई मजबूत कारण हैं। झारखंड की तरक्की में इस्पातनगरी जमशेदपुर का अहम स्थान रहा है। यहां कदम-कदम पर ऐसे नजारे बिखरे पड़े हैं जो बरबस मन को मोह लेते हैं। यहां की र|गर्भा धरती अपने कोख में अनमोल खजाने भरे हुए है। क्या नहीं है यहां। इसके बावजूद यह प्रांत पिछड़े राज्यों की फेहरिस्त में खड़ा है। राजनीतिक अस्थिरता, अपराध, नक्सलवाद, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शोषण और पिछड़ापन जैसी समस्याओं से हमें कैसे छुटकारा मिले? यह हमारी सबसे बड़ी चिंता है। हमें मिल-जुलकर इसका हल निकालने की जरूरत है। राजनीतिक अस्थिरता दूर करने की दिशा में एक कदम बढ़ाया है आपने। लोकतंत्र में अपने बेशकीमती मताधिकार की ताकत दिखाकर, लेकिन अभी आपको और दूरी तय करनी है।

दैनिक भास्कर की समृद्ध परंपरा रही है। अपनी परंपराओं को निभाने में हम झारखंड में भी पीछे नहीं रहे। जिन-जिन प्रदेशों में दैनिक भास्कर ने प्रवेश किया, वहां की जरूरतों को जाना-पहचाना, भावनाओं को समझा-परखा और उनकी जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वास्तविकता भी यही है कि अपने प