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दुर्गति नाशिनि दुर्गा जय जय, काल विनाशिनी...

7 वर्ष पहले
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ज्योत से जगमगाए शहर के देवी मंदिर

500 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा

जगतजननी मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र गुरुवार को कलश स्थापना के साथ प्रारंभ हुआ, जो तीन अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान मां के अलग-अलग रूपों की आराधना की जाएगी। पहले दिन लोगों ने मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। मंदिरों में घट स्थापना के साथ ही मां जगदंबे के जयकारे लगने लगे। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंच कर विशेष पूजा-पाठ किया। किसी ने प्रथम और अंतिम दिन, तो किसी ने नौ दिन उपवास का संकल्प लिया। नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना की गई।

शहरके इन मंदिरों में रही भीड़

शीतलामंदिर, साकची, पारडीह काली मंदिर, रंकिणी मंदिर, कदमा, गोलपहाड़ी मंदिर, टाटानगर, कालीबाड़ी, बेल्डीह, चंडी बाबा मंदिर, कदमा, जमशेदपुर दुर्गाबाड़ी, साकची, मनोकामना मंदिर, साकची, भुवनेश्वरी मंदिर, टेल्को, काली मंदिर, नीलडीह आदि।

लक्ष्मीनाथ गोस्वामी मंदिर

लक्ष्मीनाथगोस्वामी मंदिर समिति की ओर से बिष्टुपुर स्थित लक्ष्मीनाथ गोस्वामी मंदिर में सुबह नौ बजे कलश स्थापना की गई। वहीं, शाम को दुर्गा सप्तशती पाठ किया गया। इस अवसर पर सरोज मिश्र, टीएन झा समेत मंदिर समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

सिदगोड़ा : मिथिला संस्कृति की झलक

सिदगोड़ास्थित फूड प्लाजा में सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी द्वारा गुरुवार को कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत हुई। लेकिन, मुख्य आयोजन सप्तमी से होगा। यहां मिथिला परंपरा के अनुसार पूजा हो रही है, जिसमें मिथिला संस्कृति की झलक देखेगी।

गोविंदपुर में कलश स्थापना के साथ मां की आराधना शुरू

गोविंदपुरस्थित दयाल सिटी में नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को पूजा पंडाल में देवी भगवती का आवाह्न कर कलश स्थापना की गई। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। श्रीश्री सार्वजनिक पूजा समिति के अनिल कुमार ने बताया कि अष्टमी के दिन भोग और नवमी को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कलश स्थापना के दौरान समिति के दिलीप कुमार मुखर्जी समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।

महाराष्ट्र हितकारी मंडल में हुई कलश स्थापना

महाराष्ट्रभगिनी समाज की ओर से महाराष्ट्र हितकारी मंडल में कलश स्थापना के साथ नवरात्र पूजा की शुरुआत हुई। पूजा में मराठी समाज की 35 कुंवारी स