खुद करें मूल्यांकन : मुंडा
भारतमें रहने वाले सभी दावा करते हैं कि वे राष्ट्रवादी हैं, पर हममें कितनी राष्ट्रवादिता है, इसका मूल्यांकन हमें खुद करने की जरूरत है। लोगों में निहित राष्ट्रवादिता की धारा ही राज्यों के विकास की पृष्ठभूमि तैयार करती है। यह बातें गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 98वीं जयंती के अवसर पर संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में कहीं। संगोष्ठी का आयोजन भाजपा महानगर ने साकची स्थित धालभूम क्लब में किया था।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि लोगों में राष्ट्रवादिता कितनी है, इसका आंकलन उतना ही मुश्किल है, जितना यह जानना कि कोई धार्मिक दिखने वाला व्यक्ति अपने धर्म के प्रति कितना पाबंद है। हम अपने और अपने देशवासियों पर विश्वास रखें, तभी मंगल यान जैसी सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
पंडित की सोच को जनसंघ ने बनाया उद्देश्य : सांसद
सांसदविद्युतवरण महतो ने कहा कि आज का दिन पूरे हिंदुस्तान के लिए शुभ है। क्योंकि इस दिन एक ऐसे देशभक्त ने जन्म लिया था, जिनकी सोच थी कि किसी भी मानव का शोषण हो और बिना किसी भेदभाव के सबका विकास हो। इसे जनसंघ का उद्देश्य बनाया गया। लेकिन आज हमारे राज्य में लोगों को मूलभूत सुविधा स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली तक नहीं मिल रही है। पोटका की विधायक मेनका सरदार ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का उद्देश्य था कि देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे और हमारा भी यही उद्देश्य है। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वागत भाषण जिलाध्यक्ष नंदजी प्रसाद और धन्यवाद ज्ञापन जिला प्रवक्ता अनिल मोदी ने किया।
येथे उपस्थित
आभामहतो, गणेश सोलंकी, मनोज सिंह, दुलाल भुइयां, देवेंद्र सिंह, सपन मजूमदार, अभय सिंह उज्जैन, अनिल सिंह, राजन सिंह, योगेश मलहोत्रा, बीबी सिंह, हरेंद्र पांडेय, कल्याणी शरण आदि।
जनता फैसला ले-देश को किस दिशा में ले जाया जाए : पूर्व मुख्यमंत्री
जनता को यह फैसला लेना है कि देश को किस दिशा में ले जाया जाए। इसके लिए उसे चयन करना होगा कि किस पार्टी को चुने, संपूर्ण विकास करने वाली अथवा सीट जीतने के लिए चुनाव लडऩे वाली पार्टी को। यह बातें गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने धालभूम क्लब में पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि इस महागठबंधन में वे लोग शामिल हैं, जो पहले किसी गठबंधन में शामिल नहीं होने का दावा करते थे। उन्होंने आगामी विधानसभा