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संसाधनों के बावजूद जीवनस्तर में सुधार नहीं : डॉ कस्तूरीरंगन

7 वर्ष पहले
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इंडियनस्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन और योजना आयोग के सदस्य डॉ. के कस्तूरीरंगन ने कहा कि समाज के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका अहम है। कुदरत के भरपूर संसाधनों के बावजूद झारखंडियों के जीवन में बदलाव नहीं आया है। लेकिन विज्ञान और प्रौद्योगिकी का सहारा लेकर झारखंड का विकास किया जा सकता है। डॉ. कस्तूरीरंगन गुरुवार को नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस इंडिया (नासी) के झारखंड चैप्टर की ओर से राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) जमशेदपुर में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के दूसरे दिन मीट मेंटर्स प्रोग्राम के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि योजना आयोग के सदस्य रहते हुए उन्हें झारखंड के विभिन्न हिस्सों का दौरा करने का मौका मिला। यहां के लोगों के जीवन में काफी असमानता है। अभी भी ग्रॉस रूट लेवल पर विकास की रोशनी नहीं पहुंची है। 65 फीसदी से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से नीचे है। शिक्षा के साथ ही कृषि, पर्यावरण, पानी और शौचालय की समस्या है। संसाधनों का वितरण सही तरीके से नहीं हो पाया है। ऐसे में विज्ञान के सामने यह चुनौती खड़ी हुई है कि वह राज्य के विकास में अपनी भूमिका को कैसे बढ़ाए। डॉ. के कस्तूरीरंगन ने नासी झारखंड चैप्टर से अपील की कि वे राज्य सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के साथ मिलकर राज्य के विकास का रोड मैप तैयार करें। स्वागत भाषण नासी झारखंड चैप्टर के सेक्रेटरी डॉ अरविंद सिन्हा ने दिया। नासी की जेनरल सेक्रेटरी डॉ वीणा टंडन ने नासी के इतिहास पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ एस घोष चौधरी ने किया।

सीएसआईआर का स्थापना दिवस समारोह आज

काउंसिलफॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) का स्थापना दिवस समारोह शुक्रवार को सीएसआईआर की जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में मनाया जाएगा। इस समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ के कस्तूरीरंगन होंगे। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा (रांची) के कुलपति प्रो एमके मिश्रा भी मौजूद रहेंगे। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में विज्ञान और तकनीक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया जाएगा। यह जानकारी संस्थान निदेशक डॉ एस श्रीकांत ने दी।

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