- Hindi News
- फोन इंटरनेट बने हथियार लोग हो रहे ठगी के शिकार
फोन इंटरनेट बने हथियार लोग हो रहे ठगी के शिकार
बदलतेसमय के साथ ही बदमाशों ने भी लोगों को शिकार बनाने का तरीका बदल लिया है। पहले बदमाश लोगों को लूटने के लिए पिस्तौल, चाकू या किसी अन्य हथियार का इस्तेमाल करते थे, परंतु आज वे फोन और इंटरनेट के जरिए ही अपना काम निकाल रहे हैं।
साइबर क्राइम करने वाले गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से लोगों को अपनी जाल में फांस कर इस तरह ठगी करते हैं कि उन्हें तत्काल पता नहीं चलता। जब तक उन्हें ठगी का एहसास होता है, काफी देर हो चुकी होती है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग तरीके से लोगों को ठग रहे हैं, जैसे-फोन पर बैंक अधिकारी बनकर, इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर, जाली चेक के माध्यम से, एटीएम में छेड़छाड़ कर इत्यादि। ऐसे ज्यादातर मामलों में पुलिस की कार्रवाई प्राथमिकी तक ही सीमित होकर रह गई है।
बढ़ी है साइबर क्राइम की संख्या लोगों का जागरूक होना जरूरी
^साइबरक्राइम की संख्या बढ़ी है। लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है। गिरोह के कई लोगों को पकड़ा गया है। इसके अलावा अन्य की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया था।\\\' कार्तिकएस, सिटीएसपी
सजा : तीन वर्ष सश्रम कारावास
साइबरक्राइम के मामले में पकड़े जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन वर्ष की सश्रम कारावास की सजा हो सकती है। इसके अलावा आर्थिक दंड का भी प्रावधान है।
पुलिस भी नहीं करती मदद
एक-दोमामलों को छोड़ दें, तो पुलिस भी इस तरह के गिरोह को पकड़ने में अब तक नाकाम रही है। गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दिलचस्पी दिखाने की बात तो दूर, पुलिस शिकायत दर्ज करने से भी परहेज करती है। फोन पर एटीएम का पिन पूछकर ठगी करने वाले एक गिरोह के संबंध में दैनिक भास्कर के एक कर्मचारी ने पुलिस को जानकारी देने की कोशिश की, तो उन्हें भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर संपर्क करने की बात कहकर पुलिस बचती रही।
जाली चेक से खाता से निकासी
ठगगिरोह के सदस्य जाली चेक के माध्यम से बैंक खाता से रुपए की निकासी कर लेते हैं। नवंबर-2014 में जाली चेक के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की गोलमुरी, साकची बाराद्वारी शाखा से गिरोह के सदस्यों ने करीब 28 लाख रुपए की निकासी की है। इस मामले में साकची, सीतारामडेरा और गोलमुरी थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। गोलमुरी पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया। लेकिन गिरोह का सरगना अब तक पुलिस