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आज विराजेंगे निर्माण के देवता

7 वर्ष पहले
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भगवानविश्वकर्मा की बुधवार को पूजा की जाएगी। इसके लिए शहर में अनेक स्थानों पर भ‌‌व्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इसमें भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित की गई। पंडित रमेश कुमार उपाध्याय शास्त्री के अनुसार, विश्व के निर्माता के रूप में विश्वकर्मा भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। इनकी कृपा से व्यक्ति धन-धान्य से परिपूर्ण हो जाता है। तीन दिनों तक उनकी आराधना की जाती है। इनकी आराधना से कारोबार में वृद्धि होती है। उधर, कंपनियों में भी पूजा को लेकर काफी उत्साह है। पूजा के लिए भगवान की प्रतिमा और सामग्री की खरीदारी की गई।

^विश्वकर्मा पूजा को लेकर लड्डू की डिमांड अधिक है। आने वाले दिनों में मिठाई महंगी हो सकती है।^रामलला सिंह,मैनेजर,न्यू गणगौर स्वीट्स

आइटम वर्तमान दर पिछले साल दर

साधारणलड्डू 80-170 रुपए 70-150 रुपए

घी निर्मित लड्डू 360 रुपए 340 रुपए

रसगुल्ला 10/पीस 7/पीस

पनीर 300-340 250-300

खोआ 250-340 230-300

फ्रूट बर्फी 280-300 260-280

महंगाई पर आस्था भारी

जमशेदपुर। विश्वकर्मापूजा को लेकर मंगलवार को शहर के विभिन्न बाजारों में काफी चहल-पहल देखी गई। देर रात तक पूजन सामग्री मिठाई की बिक्री होती रही। पिछले साल के मुकाबले इस साल मिठाई के लिए लोगों को अधिक खर्च करना पड़ा। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही मिठाई कारोबारियों ने पनीर और खोआ की कीमत 20 से 30 रुपए तक प्रति किलो बढ़ा दी है।

सोनारी टेंपो स्टैंड के पास बना भव्य पंडाल भगवान विश्वकर्मा की स्थापित प्रतिमा।

लोको में विश्वकर्मा पूजा पंडाल में बना बुलेट ट्रेन का मॉडल की गई लाइटिंग।

टाटा मोटर्स के विभागों में हुई पूजा

टाटामोटर्स के विभिन्न डिवीजनों में मंगलवार को विश्वकर्मा पूजा हुई। टेल्को वर्कर्स यूनियन के महामंत्री चन्द्रभान प्रसाद सिंह पूजा और हवन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 6 सितंबर को यूनियन की आमसभा में 90 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति को विरोधी पचा नहीं पा रहे है। विरोधी स्वार्थवश कंपनी में अफवाह फैलाकर प्रबंधन और यूनियन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में आर्थिक सुस्ती का सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ा। कंपनी ने कोशिश की कि मजदूरों का कम से कम नुकसान हो। अस्थायी कर्मियों को भी इस मुश्किल दौर में महीने में 20 दिन काम मिला। इस वित्तीय वर्ष में कंपन