जेनरल ऑफिस गेट पर डेढ़ घंटा प्रदर्शन
झारखंडस्टील ठेका मजदूर संघ ने मंगलवार को टाटा स्टील के जेनरल ऑफिस गेट के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन डेढ़ घंटा से अधिक समय तक चला। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि उन्हें स्थायी किया जाए। टाटा स्टील में कॉरपोरेट रिलेशन के हेड अनिल उरांव ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनका ज्ञापन लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे भी स्थायीकरण के हकदार हैं। 10 साल से लगातार आवाज उठा रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। अनिल उरांव ने उन्हें 17 सितंबर को टीएसआरडीएस के सभागार में वार्ता के लिए बुलाया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हो गया। प्रदर्शन के बाद झारखंड स्टील ठेका मजदूर संघ के सचिव रामधारी गौड़ ने कहा कि एसोसिएशन ऑफ आदिवासी सोसायटीज, एसजी पटेल और आदिवासी वेलफेयर सोसायटी के मातहत काम करने वाले ठेका मजदूरों को 1990 में स्थायी किया गया था। समझौता में तय हुआ था कि जो मजदूर बच जाएंगे, उन्हें बाद में स्थायी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो जनवरी 2012 को चंपई सोरेन, रामदास सोरेन एवं विद्युतवरण महतो ने टाटा स्टील के शीर्ष प्रबंधन से इस मामले पर बातचीत की थी। उस समय निर्णय लिया गया था कि जो मजदूर स्थायी नहीं हुए हैं, उन्हें आर्थिक पैकेज दिया जाएगा। लेकिन, अब तक कोई पहल नहीं हुई है।
टाटा स्टील जेनरल ऑफिस गेट के सामने प्रदर्शन करते संघ के सदस्य।