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कैंटीन का बहिष्कार, नहीं खाया खाना

7 वर्ष पहले
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टाटाकमिंस में संभावित 19 फीसदी बोनस की खबर आने के बाद सोमवार को टाटा मोटर्स में दिनभर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। बोनस कम होने से नाराज कुछ कर्मचारियों ने दिन में कैंटीन का बहिष्कार किया और खाना नहीं खाया।

उधर, प्रबंधन का कहना है कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसी अफवाह फैला कर प्रबंधन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अफवाह फैलाने वाले तीन कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रबंधन के अनुसार, अफवाह फैलाने के दोषी पाए गए कर्मचारियों को बर्खास्त भी किया जा सकता है। दो दिन में इनपर कार्रवाई हो जाएगी।

एकका तबादला, दो के खिलाफ जांच

प्लांटवन में कार्यरत आलम नामक कर्मचारी को टाटा मोटर्स की जमशेदपुर इकाई से दूसरी इकाई में ट्रांसफर करने की सूचना है। शिवानंद वर्मा और महेश तिवारी के खिलाफ जांच चल रही है। प्रबंधन का कहना है कि अफवाह फैलाने वाले कर्मचारियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। टेल्को वर्कर्स यूनियन के महामंत्री चन्द्रभान प्रसाद सिंह ने कहा कि कुछ स्वार्थी लोग अफवाह फैला कर कंपनी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैंटीन में अधिकतर लोगों ने खाना खाया है। उधर, यूनियन का विरोधी गुट सार्वजनिक तौर पर कुछ भी नहीं बोल रहा है।

टेल्को वर्कर्स यूनियन के अंदर चल रही गुटीय राजनीति के तहत सोमवार को टेल्को कॉलोनी के विभिन्न चौक चौराहों पर लगी होर्डिंग से चन्द्रभान प्रसाद सिंह के पोस्टर को फाड़ दिया गया। पोस्टर किसने फाड़ा, इस पर दिन भर चर्चा होती रही। चन्द्रभान प्रसाद सिंह ने कहा कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। विरोधी और क्या कर सकते हैं? जब सामने से मुकाबला नहीं कर सकते, तो उनके पोस्टर फाड़ कर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। इस पर विरोधी खेमा कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

महामंत्री चन्द्रभान के पोस्टर फाड़े

टाटा मोटर्स के प्रवक्ता कैप्टन पीजे सिंह ने जारी विज्ञप्ति में कर्मचारियों को किसी के बहकावे में नहीं आने को कहा है। कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि ऐसी जानकारी मिली है कि बोनस समझौते को लेकर कुछ स्वार्थी तत्व कर्मचारियों के बीच अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। टाटा मोटर्स पिछले दो साल से मुश्किल दौर से गुजर रही है। इसके बावजूद प्रबंधन की कोशिश रही है कि कर्मचारियों पर इसका असर कम हो। कैप्टन पीजे