गुजराती गीतों पर थिरके कदम
ढोलियाढोल रे बगाड..., हे मां तारो गरबा..., सहुका करता जाए रे मोरलो..., अम्ब अभय पर दायनी रे...जैसे गुजराती गीतों पर नृत्य करते हुए गरबा के पारंपरिक परिधान में सजकर लोगों ने गुजरात की छटा बिखेर दी। सभी ताली, पंचड़ी, छकड़ी करते देवी मां की आराधना में लीन नजर आए। मौका था गुरुवार को गुजराती समाज में आयोजित गरबा महोत्सव का। नवरात्र के पहले दिन बिष्टुपुर स्थित श्री सूरत गुजराती समाज, गुजराती सनातन समाज और गुजराती हाई स्कूल, साकची में महोत्सव का आयोजन किया गया।
श्री सूरत गुजराती समाज में गरबा करतीं युवतियां।
कदमा स्थित गणेश पूजा मैदान में सरदार पटेल मंच की ओर से नवरात्र महोत्सव की शुरुआत की गई। महोत्सव का उदघाटन बाला गणपति विलास पूजा समिति के अध्यक्ष केजे राव ने किया। यहां युवकों द्वारा रास गरबा में परफॉर्म किया गया। इस अवसर पर मंसूख पटेल, डी पटेल, किशोर पटेल, दीपक पटेल आदि उपस्थित थे।
नवरात्रमहोत्सव समिति, साकची
राधाजीना ऊंचा मंदिर नीचे... जैसे गीतों के साथ समूह रास गरबा की शुरुआत गुजराती हाई स्कूल में हुई। यहां के रास गरबा की विशेषता पारंपरिक डांडिया गीत-संगीत है।
>>नवराण टीम : साउथइंडियन डांस।
>>सुरभिग्रुप : मिलेसुर मेरा तुम्हारा, तो सुर बने हमारा।
>>श्रीजीग्रुप : कश्मीरफोक डांस।
>>रासरागिनी : राजस्थानीडांस।
>>रासरागिनी बी : गुजरातीडांस।
>>संकेतएंड टीम : पंजाबी।
>>दीपाली: मराठीडांस।
>>जयगरबीग्रुप : गुजरातीडांस।
युवकों ने किया समूह रास
इन्होंने किया परफॉर्म
एकता में अनेकता थीम पर हुआ गरबा
गुजरातीसनातन समाज, बिष्टुपुर में 87वां गरबा महोत्सव गुरुवार की सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ। इस दौरान शाम में गणेश वंदना के साथ गरबोत्सव की शुरुआत हुई। मौके पर अध्यक्ष दिनेश पारिख, ट्रस्टी राजेंद्र कुमार, नानालाल टांक, शशि अाडेसरा के अलावा जयेश अमीन, अरुण आडेसरा, प्रकाश मेहता आदि मौजूद थे। इस वर्ष समाज की ओर से देश को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। महोत्सव में एकता में अनेकता थीम पर गरबा किया गया।
तीनताल से शुरू हुई मां की आराधना
बिष्टुपुरस्थित श्री सूरत गुजराती समाज में गरबा महोत्सव का उदघाटन गुरुवार की रात लगभग नौ बजे सुखमन उदानी समाज के अध्यक्ष जीतू पटेल ने किया। इससे पूर्व मां की पूजा की गई और गरबा स्थापित किया गया। रात में य