ईश्वर नाम सुखदायक : महाराज
ईश्वरनाम का और संकीर्तन का आश्रय सुख देता है। इसका प्रमाण गजेंद्र मोक्ष कथा में मिलता है। हालांकि, जीव अपने बल प्रभाव का अहंकारवश प्रदर्शन करता है, जबकि मोक्ष ईश्वर की शरणागति लेने से ही संभव है। यह बातें कथावाचक रामानिवासाचार्य महाराज ने मंगलवार को कहीं।
महाराज जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिव मंदिर में आयोजित भागवत कथा के सातवें दिन समुद्र मंथन, वामन अवतार और श्रीराम अवतार प्रसंग पर प्रकाश डाला रहे थे। उन्होंने कहा कि उस समय विश्वामित्र, जनक और परशुराम ये तीन ही श्रेष्ठजन ऐसे थे, जिनके माध्यम से जगत को दिशा और अत्यधिक ज्ञान मिल सकता था, मगर उनके सैद्धांतिक मतभेद की वजह से यह संभव नहीं हो सका।
श्री राजस्थान शिव मंदिर, जुगसलाई में कथा सुनते श्रद्धालु इनसेट में बाबा।