पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • स्कूल से मिलेगा जाति प्रमाण पत्र

स्कूल से मिलेगा जाति प्रमाण पत्र

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अबआठवीं से बारहवीं तक के छात्रों को जाति और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए प्रखंड और अनुमंडल कार्यालय का चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। अब स्कूल से ही जाति आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत होगा। ये प्रमाण पत्र शिक्षण संस्थानों में नामांकन और नियोजन के लिए मान्य होगा। अभी जाति आवासीय प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए छात्रों को पंचायत के कर्मचारी से लेकर ब्लॉक और अनुमंडल कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। ऊपर से पैसा भी खर्च होता है। इस समस्या के समाधान के लिए झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग ने नई व्यवस्था की है। सरकार के प्रधान सचिव एसके सतपथी ने पूर्वी सिंहभूम समेत राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर नई व्यवस्था के तहत प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया है।

15 नवंबर से पहले प्रभावी करने की तैयारी

निर्देशके अनुसार, नई व्यवस्था के तहत 15 नवंबर 2014 तक आवश्यक रूप से प्रमाण पत्र जारी करने का काम शुरू करने को कहा गया है। मालूम हो कि 15 नवंबर झारखंड का स्थापना दिवस है। राज्य सरकार नई व्यवस्था को स्थापना दिवस से पहले लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं प्रधान सचिव का पत्र प्राप्त होने के बाद सभी जिलों ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विद्यालय से ही जाति आवासीय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का फैसला छात्रों के हित में है। छात्रों को इसके लिए काफी परेशानी होती थी। अब यह आसानी से मिल जाएगा। निर्देश की सूचना जल्द ही सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को दे दी जाएगी।^ मुकेशकुमार सिन्हा, जिलाशिक्षा पदाधिकारी

ऐसी होगी नई व्यवस्था

नईव्यवस्था के तहत राज्य के विद्यालयों में 8वीं कक्षा में नामांकन लेने वाले छात्रों के नामांकन की तिथि की समाप्ति के 15 दिनों के अंदर उनसे (छात्र) संबंधित जाति आवासीय प्रमाण पत्रों से संबंधित सूचनाएं अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद 60 दिनों के अंदर संबंधित छात्र का जाति आवासीय प्रमाण पत्र संबंधित विद्यालय के प्राचार्य-प्रधानाध्यापक को निश्चित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय परित्याग करते समय छात्रों को जाति आवासीय प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। ऐसे आवासीय जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्राचार्य-प्रधानाध्यापक के प्रति हस्ताक्षर के बाद छात्रों को हस्तगत कराई जाएगी। इसकी एक प्रति विद्यालय के पास सुरक्षित रखी जाए