विभागीय पेंच से अधर में लटका सिटी सेंटर
आदित्यपुरऔद्योगिक क्षेत्र (आयडा) में बहुप्रतिक्षित सिटी सेंटर का निर्माण अधर में लटक गया है। शहरवासियों ने शॉपिंग मॉल और मल्टी कांप्लेक्स निर्माण का जो सपना देखा था, वह अब टूटता नजर रहा है। सिटी सेंटर में शॉपिंग मॉल मल्टी कांप्लेक्स बनाया जाना था। इसकी शुरुआत 2007 में की गई थी। लेकिन विभागों के पेंच और राज्य सरकार की उदासीनता के कारण यह योजना अधर में लटक गई है। सिटी सेंटर का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित है। इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने से दो हजार लोगों को रोजगार मिलता, साथ ही इलाके की रौनक भी बढ़ जाती।
ये भी जानें
प्रोजेक्ट का नाम सिटीसेंटर
प्रोजेक्टकी लागत लगभग750 करोड़
कितनेलोगों को मिलेगा रोजगार : दोहजार
कबदी गई जमीन : 2007
आवंटितजमीन : 24एकड़
क्या है प्रोजेक्ट
सिटीसेंटर का निर्माण आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में होना है। इसकी लागत लगभग 750 करोड़ की है। इस प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में 350 करोड़ और दूसरे चरण में 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अभी तक प्रोजेक्ट पर 60 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
क्या है मामला
आयडाने वर्ष 2007 में सिटी सेंटर के निर्माण के लिए कंपनी को 24 एकड़ भूमि दी थी। इसके बाद फोरम ने चहारदीवारी के साथ प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की। कंपनी कुछ विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने में सफल रही। लेकिन वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने एनओसी नहीं मिल दी। इस वजह से मामला फंस गया और प्रोजेक्ट का काम रुक गया। प्रोजेक्ट का डिजाइन इंटरनेशनल आर्किटेक्ट हॉगकांग से करोड़ों खर्च कर बनवाया गया है। जनवरी 2014 में आयडा ने सिटी सेंटर के लिए आवंटित की गई भूमि को भी रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद कंपनी ने आयडा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। मामला कोर्ट में लंबित होने से अब भी सिटी सेंटर का निर्माण रुका हुआ है।
^सिटी सेंटर के निर्माण में विलंब होने के कारण जनवरी 2014 में जमीन का आवंटन रद्द कर दिया गया हैं। इसके विरोध में कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अब कोर्ट का जैसा निर्णय आएगा, आगे की कार्रवाई होगी।^ एसकेदुधानी, सचिवआयडा
ताज ग्रुप से टूट गया समझौता
सिटीसेंटर का निर्माण कर रही एजेंसी (फोरम इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड) के कार्यपालक निदेशक (ईडी) निर्मल लुनावत ने कहा कि इसके निर्