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एमजीएम में लगेगा कैथ लैब, मिले ~1.80 करोड़
एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में हृदय रोगियों का इलाज शुरू हो सकेगा। यहां अत्याधुनिक कैथलैब लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से 1.80 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस योजना के लिए सरकार की ओर से 9.95 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इसके अलावा एमजीएम में छात्राओं के हॉस्टल निर्माण के लिए भी 1.50 करोड़ और स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग के भवन निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस तरह अस्पताल को इस वर्ष इन तीनों कार्यों के लिए कुल 4.50 करोड़ रुपए दिए गए हैं।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में महीनों से खराब पड़े इंसीनरेटर को ठीक करने की कवायद शुरू की गई है। एमजीएम सदर अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट का ढेर लग गया है। सदर अस्पताल के एक कमरे में इस वेस्ट को रखा जा रहा है, जबकि एमजीएम अस्पताल का मेडिकल कचरा अस्पताल परिसर में फैला हुआ है। इस समस्या के समाधान के लिए सिविल सर्जन डॉ विभा शरण की ओर से जुस्को टाटा मोटर्स प्रबंधन को पत्र लिखा गया है। वहीं मामला को तुल पकड़ता देख एमजीएम अस्पताल कॉलेज प्रशासन की ओर से शनिवार को इंसीनरेटर ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। टेक्नीशियन ने एक सप्ताह में इसे ठीक करने का भरोसा दिलाया है। इसपर अस्पताल कॉलेज प्रशासन की ओर से सोमवार तक इंसीनरेटर की मरम्मत में होने वाले खर्च का पूर्ण ब्योरा मांगा गया है।
आईसीयू के पास बना आइसोलेटेड वार्ड
गुजरात, बेंगलुरू समेत देश के बड़े शहरों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से एमजीएम हॉस्पिटल में आईसीयू के बगल में चार बिस्तर वाला आइसोलेटेड वार्ड बनाया गया है। पिछले दिनों प्रदेश के स्वास्थ्य सर्विलांस ऑफिसर की ओर से जिले के सर्विलांस पदाधिकारी को पत्र लिखकर स्वाइन फ्लू के लिए की गई तैयारी का ब्योरा मांगा गया था। साथ ही कितने आइसोलेटेड वार्ड की व्यवस्था है, उसकी तस्वीर उपलब्ध कराने को कहा गया। विभाग के इस आदेश के आलोक में यह तैयारी की गई है।