महिलाएं दिखा सकती हैं नई राह : महाराज
पारिवारिक जीवन बिल्कुल शिव-पार्वती के जैसा होना चाहिए। पुरुषों का नाम समाज संचालन में हो सकता है, लेकिन परिवार-सूत्र का संचालन करने में प|ी का अहम योगदान होता है। महिलाएं ही समाज के विकास को नई राह दे सकती हैं और नारी सशक्तीकरण से ही समाज का उद्धार हो सकता है। घर परिवार को सहेज कर रखने का कार्य महिलाएं ही बखूबी जानती हैं। यह बातें श्री रामनिवासाचार्य महाराज ने जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिव मंदिर में चल रहे चौदह दिवसीय श्रीमदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शनिवार को कहीं। उन्होंने कहा कि कन्या को अपने ससुराल गमन के समय ज्ञान की बातों पर ध्यान देना चाहिए। विरोधाभाष की स्थिति पैदा करें और अहंकार का त्याग भी करें।
इस अवसर पर निर्मल काबरा, बजरंगलाल भरतिया, रामेश्वर लाल शर्मा, पवन सिंगोतिया, सीताराम भरतिया, बनवारी लाल खंडेलवाल, पंडित पवन त्रिवेदी आदि उपस्थित थे।
श्री राजस्थान शिव मंदिर, जुगसलाई में भागवत कथा सुनने उमड़े श्रद्धालु।