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तूं मैं माण निमाणी, मेरे साहिबा

6 वर्ष पहले
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तूंमैं माण निमाणी, मेरे साहिबा तूं मैं माण निमाणी...। मेरे राम राय तूं संता का संत तेरे...। मेरे लाल जीओ तेरा अंत जाणा...। अमृतमयी गुरवाणी को कीर्तन के जरिए सुनकर संगत निहाल हुई। अवसर था सीतारामडेरा गुरुद्वारा के पास सामुदायिक भवन मैदान में शुरू हुए दो दिवसीय विशेष कीर्तन दरबार का। बाबा दीप सिंह की शहादत दिवस को समर्पित सीतारामडेरा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसका आयोजन किया है। सुबह और शाम दोनों बेला संगत ने गुरु दरबार में हाजरियां भरीं और गुरवाणी और उसके उपदेशों को सुनते हुए भक्ति में लीन रही।

पंजाब से पहुंचे पंथ प्रसिद्ध कीर्तनीये भाई दविंद्र सिंह और भाई इंदरजीत सिंह हजूरी रागी दरबार साहिब ने जहां कीर्तन से संगत को गुरु घर से जोड़ा। वहीं, ढाडी जत्था सुखजिंदर सिंह चंगियाड़ा चंडीगढ़ वाले ने बाबा दीप सिंह की जीवनी और गुरु के उपदेशों से संगत को गुरु घर से जुड़ने को प्रेरित किया। दोपहर में संगत के बीच गुरु का अटूट लंगर भी वितरित किया गया। मंच संचालन परमजीत सिंह काले ने किया।

वाहेगुरुसे गूंजा परिसर

इससेपूर्व सुबह साढ़े आठ बजे गुरुद्वारा में चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब का भोग पड़ा। इसके बाद मैदान में सजे पंडाल तक जुगो-जुग अटल साहिब श्री गुरुग्रंथ साहिब जी को सत्कार के साथ शोभा यात्रा निकालकर लाया गया। यहां उनका प्रकाश किया गया, जिसके बाद कीर्तन दरबार का आगाज हुआ। गुरुद्वारा परिसर से निकाली गई शोभा यात्रा में सैंकड़ों की संख्या में संगत शामिल हुई। इस दौरान वाहेगुरु के मंत्र से गुरुद्वारा के आसपास का इलाका गूंज उठा।

जिनां सिंहा-सिंहणियां ने धर्म हेत शीश दीते

कार्यक्रममें पंजाब के तरन-तारन से पहुंची प्रदर्शनी सिख इतिहास की दास्तां बयां कर रही थी। सिख गुरुओं और सिख शहीदों की शहीदी की झांकी का संगत ने अवलोकन किया और उनकी आंखें नम हो गईं। प्रदर्शनी में सिंहा सिंहणियां को आरे से काटा गया, उनके बंद-बंद कटवाए गए। छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवारों में दफन करने, उबलती देग में शहीदी की झांकी लगी है। गुरुद्वारा कमेटी द्वारा यह आयोजन नौजवान युवा पीढ़ी को धर्म से अवगत कराने के लिए किया गया था, जिसे डसंगत ने सराहा।

आज तैयार होगा अमृत का बाटा

मंगलवारको शाम के दीवान के बाद कीर्तन दरबार का समापन होगा। इस दिन दोपहर दो बजे सीतारामडेरा गुरुद्वारा परिसर में अमृत संचार कराया जाएगा। दोपहर दो बजे अमृतपान करने के इच्छुक संगत पांच ककारों में सुशोभित होकर गुरुद्वारा पहुंचने की अपील की गई है।

येकर रहे सहयोग

प्रधानकरम सिंह, बलबीर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरपाल सिंह, अमरजीत सिंह, सुखविंदर सिंह लाडी, दविंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, अविनाश सिंह, अवतार सिंह, मनमीत सिंह, सिख नौजवान सभा के सभी सदस्य।

सीतारामडेरा गुरुद्वारा में लगाई गई झांकी।

गुरवाणी करते ढाडी जत्था सुखजिंदर सिंह चंगियाड़ा चंडीगढ़ वाले (बाएं) और गुरुद्व‌ारा में मौजूद संगत (दाएं)।