गरुड़ वाहन पर निकले बालाजी
बारीडीहविजया गार्डेन स्थित वेंकटेश्वर स्वामी बालाजी मंदिर में चल रहा छह दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा सह कल्याणम् महोत्सव सोमवार को संपन्न हो गया।
अंतिम दिन पूजा की शुरुआत सुप्रभात पूजा से हुई। इसके बाद भगवान का स्नान शृंगार किया गया। सुबह सात बजे सहस्त्रनाम ब्राह्मणों द्वारा चतुर्वेद का पाठ किया गया। दिनभर अनेक धार्मिक अनुष्ठान हुए, जिन्हें विशाखापत्तनम और हैदराबाद से आए 42 पुरोहितों ने कराया। दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालु बालाजी के दर्शन करने पहुंचते रहे।
4बजे निकली शोभायात्रा
शामचार बजे मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार के बाद गरुड़ वाहन सेवा हुई। इस दौरान मंदिर परिसर से शोभायात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्ग से होते हुए बारीडीह गोलचक्कर पहुंची। फिर इसी मार्ग से होते हुए पुन: शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंची। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर पहुंचने के बाद संध्या आरती हुई। वहीं संध्या साढ़े सात बजे से श्रद्धालुओं के बीच भोग का वितरण किया गया।
इन्होंनेदिया योगदान
पी.वेंकटराव, डी.देमुललू, एन.श्रीनिवास, एस.नरसिंह राव, सीएच मंगेश, रामाराव, संजय कुमार, के. प्रभाकर राव आदि।
शोभायात्रा के लिए बालाजी की प्रतिमा लेकर जाते श्रद्धालु।