रिसालत की बुनियाद है कुरान हदीस सलमा
जमशेदपुर | तौहीका मतलब एक खुदा को मानना, रिसालत का मतलब रसूल (पैगंबर) को मानना तथा आखिरत का मतलब जीवन के बाद का चरण है और इन सबकी बुनियाद कुरान और हदीस है। यह बातें बंधुगोडा में बुधवार को जमात-ए-इस्लामी कबीरनगर इकाई द्वारा सीरत मुहिम कार्यक्रम के तहत महिलाओं के लिए आयोजित मोहम्मद (स अ) सबके लिए कार्यक्रम में सलमा परवीन ने कहीं। उन्होंने कहा कि तौहीद, आखिरत और रिसालत तीनों पर अमल करना और अमल करवाना यही मोमिन का काम है। तब ही हम कामयाब हो सकते हैं। मेहजबीं अख्तर ने कहा कि महिलाएं पैगंबर हजरत मोहम्मद (स अ) की तालीमात का बेहतर तरीके से समाज में प्रसार कर सकती थी। दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर सबीहा परवीन ने भी विचार व्यक्त किए।