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आत्मनिरीक्षण से मन को करें पवित्र : भूमानंद तीर्थ

6 वर्ष पहले
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मानवका लक्ष्य भगवान को पाने के लिए ज्ञान प्राप्त करना है। इसके लिए गुरु की आवश्यकता होती है। किसी भी प्रकार की कला, संस्कृति, शास्त्र आदि सीखने के लिए शिक्षक की जरूरत होती है। उसी प्रकार आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए गुरु की जरूरत होती है। यह बातें स्वामी भूमानंद तीर्थ ने कहीं। वे विकास केंद्र ब्रह्म विद्या सेंटर (सोनारी) में चल रहे चूड़ामणि पर आधारित कक्षा के दूसरे दिन बुधवार को आध्यात्मिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि मन बहुत बड़ा खजाना है। बहुत से लोग इसका मूल्य नहीं जाते हैं।

भक्तिही जीवन संजीवनी

सांध्यकालीनसत्र में केरल से आईं स्वामीजी की शिष्या मां गुरु प्रिया ने कहा कि भक्ति ही जीवन संजीवनी है। तापत्रय से छुटकारा पाने का उपाय है भगवान का चरण। मौके पर मुख्य रूप से डॉ. एनके दास, आरएस तिवारी विजय कुमार मेहता उपस्थित थे।

बिरसानगर में भगवान शिव की पूजा करते श्रद्धालु।

जमशेदपुर| बिरसानगरस्थित काली मंदिर का पांचवां वार्षिकोत्सव बुधवार को मनाया गया। अनुष्ठान की शुरुआत महादेव की पूजा-अर्चना के साथ हुई। सुबह नौ बजे मंत्रोच्चार के साथ महादेव को 11 कलश के जल से स्नान कराया गया। दोपहर 12 बजे महादेव को भोग लगाया गया। वहीं, शाम को शिव शंकर का भव्य शृंगार किया गया। संध्या साढ़े पांच बजे संध्या आरती हुई, जिसमें काफी संख्या में भक्त शामिल हुए। शाम साढ़े छह बजे से श्रद्धालुओं के बीच भोग वितरण किया गया। मौके पर काफी संख्या में भक्तों ने भोग ग्रहण किया। सभी अनुष्ठान पंडित त्रिपुरा बनर्जी पंडित एस बनर्जी के सहयोगी पुरोहितों द्वारा संपन्न कराए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजपति देवी, सत्यनारायण पाल, श्रीनिवास राव, अखिलेश चौधरी, केके पांडेय, निरेन सोरेन के अलावा बस्ती विकास समिति के अध्यक्ष वरुण, उमेश गुप्ता, रोहित रोशन आदि ने योगदान दिया।