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नि:शक्तों के आरक्षण पर जेपीएससी से मांगा जवाब
सड़कहादसे के बाद तत्काल सहायता पहुंचा कर मौतों की संख्या को किस प्रकार कम किया जाए, इसपर झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई है। कोर्ट ने सुझाव दिया है कि बाइक चलाने वाले और खासकर पीछे बैठने वाले लोग हेलमेट पहनें।
कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाइवे दुर्घटना के तत्काल बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस के साथ पुलिस भी हो ताकि हॉस्पिटल में इलाज शुरु करने में किसी प्रकार का विलंब नहीं हो। कोर्ट ने कहा कि पहले चरण में रांची, जमशेदपुर और धनबाद में यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी कि एक डेडिकेटेड पुलिस टीम और एंबुलेंस केवल सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हुए लोगों की मदद के लिए बनाई जाए। चीफ जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने सोमवार को अभय सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अपनी राय व्यक्त की। चीफ जस्टिस ने अपने साथ घटी घटना का उदाहरण दिया और बताया कि किस प्रकार दुर्घटना के बाद अस्पतालों में इलाज के दौरान परेशानी होती है। याचिका में जमशेदपुर शहर में हुए अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में सात सौ लोगों की मौत की जानकारी देते हुए इसपर रोक लगाने के लिए समुचित आदेश पारित करने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने प्रार्थी से कहा कि सड़क हादसों के संबंध में अध्ययन करने और इसकी रोकथाम के उपाय सुझाने के लिए बनी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राधाकृष्णन की कमेटी ने क्या रिपोर्ट दिए और इसपर राज्य में कितना अनुपालन हुआ, इसकी जानकारी कोर्ट को दें। जिससे कोर्ट सड़क हादसे में सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए समुचित आदेश पारित कर सके।
सड़क दुर्घटनाओं पर हाईकोर्ट गंभीर