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हिंदी को बढ़ावा देने के लिए महज प्रचार पर ही ध्यान है। कार्यालयों में लिखा जाता है हिन्दी में कामकाज करें। मगर उन्हीं विभागों में हिंदी का उपयोग कम होता है। दुर्भाग्य की बात है कि राज्य गठन के चौदह वर्ष होने को हैं, लेकिन राजभाषा निदेशक, उप निदेशक जिले में सहायक निदेशक का पद अब तक रिक्त है। डॉपुरुषोत्तम कुमार, सचिव,नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति हिन्दी अधिकारी, राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला, जमशेदपुर
आज हिंदी दिवस है। हिंदी के विकास और इसके प्रसार करने के वादों का दिन। शहर में सरकारी और अन्य संस्थानों में हिंदी पर केंद्रित अनेक कार्यक्रम और सेमिनार होंगे, लेकिन शहर के ही कई विभागों संस्थानों में हिंदी का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। इससे राज्य की साख पर बट्टा लग रहा है। हिंदी के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए हर वर्ष हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसके बावजूद हिंदी को आज तक वह रुतबा हासिल नहीं है, जिसकी वह हकदार है। यह दुर्भाग्य की बात है कि राज्य में अब तक राजभाषा निदेशक पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई है। इस मामले में डीबी स्टार की टीम ने अनेक सरकारी कार्यालयों में जाकर पड़ताल की। रिपोर्ट विकास श्रीवास्तव की।
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डीसी कार्यालय
डीआरडीएविभाग के सामने मनरेगा के प्रचार में लगाए गए बैनर पोस्टर में हर जगह गलती थी। इसमें सशक्तीकरण लिखने की बजाय सशक्तिकरण लिखा गया है।
यह तस्वीर पथ निर्माण विभाग कार्यालय के बाहर की है। कार्यालय के बाहर बड़े बड़े अक्षरों में कार्यपालक आैर निर्माण की बजाय र्कायपालक और निर्मारण लिखा गया है।
यह तस्वीर खरकई ब्रिज की है। यहां उपायुक्त के आदेशानुसार नोटिस बोर्ड लगाया गया है। इसमें हिंदी की गलत वर्तनी के साथ अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।
हे राम! हिंदी प्रदेश में ऐसी हिंदी