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नक्सलप्रभावित क्ष

6 वर्ष पहले
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प्रखंड जमशेदपुर

योजनालघुग्रामीण जलापूर्ति योजना

स्थानकमलावेरा

लागत16.57 लाख रु.

कामआवंटित हुआ 3सितंबर 2014

स्थितिलघुजलापूर्ति योजना के लिए सितंबर में काम शुरू हुआ था। काम समाप्त होने से पहले फिर से टेंडर निकाल दिया गया।


नक्सलप्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति हो, इसके लिए पूर्वी सिंहभूम समेत समूचे झारखंड में लघु जलापूर्ति योजना की शुरुआत हुई थी। पूर्वी सिंहभूम जिले में 17 जगहों को चिह्नित किया गया है। गौर करने की बात है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना केंद्रीय सहायता (एसीए) के तहत पेयजल की सुविधा के लिए काम शुरू हुआ था। मगर, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जमशेदपुर अंचल में गड़बड़झाला का खुलासा हुआ है।

मालूम हो कि सितंबर 2014 को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने टेंडर निकाला था। इसके बाद जमशेदपुर प्रखंड के बड़ाबांकी में कमलावेरा और घाटशिला प्रखंड के भादुआ के पोगदा खास टोला में पिछले वर्ष लघु जलापूर्ति योजना का काम शुरू किया गया था। दूसरी ओर, पिछला टेंडर रद्द किए बगैर विभाग के अधिकारियों ने 3 फरवरी 2015 को उसी काम के लिए फिर से टेंडर आमंत्रण कर दिया। गलत तरीके से दोबारा निविदा मंगाए जाने की शिकायत के बाद पूर्वी सिंहभूम जिला योजना पदाधिकारी ने पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ शोकॉज जारी किया गया है।

नियमानुसार, दोबारा टेंडर निकालने के पूर्व अखबार या रेडियो में विज्ञापन जारी करने का प्रावधान है। मगर जिम्मेदारों ने दोबारा टेंडर निकालने से पूर्व विज्ञापन जारी करना जरूरी नहीं समझा। यह नियमानुसार गलत है। काम में लेट-लतीफी के कारण पूर्वी सिंहभूम जिले में समय पर लघु जलापूर्ति योजना का काम नहीं होगा। अधिकारियों की गलती का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ सकता है।

आदित्यपुर स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का कार्यालय।

पीएचईडी के अधिकारियों ने मनमानी तरीके से निकाला टेंडर

कमलवेरा और पोगदा खास टोला लघु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के ठेकेदार को विभाग ने काली सूची में डाल दिया था। इसके बाद काम पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया निकाली गई है। संवेदक को अक्टूबर माह में ब्लैक लिस्ट किया गया था। यह सही बात है कि प्रक्रिया में थोड़ी देरी अवश्य हुई है, इसपर डीसी ऑफिस की ओर से शोकॉज जारी किया गया है। सुरेशप्रसाद, कार्यपालकअभियंता, पीएचईडी, जमशेदपुर

जरूर होगी कार्रवाई

प्रथमदृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। कुछ कुछ गड़बड़ी तो अवश्य हुई है। मामले की जांच हो रही है। कार्यपालक अभियंता से जवाब-तलब किया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

अबरार,योजनापदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम

जारी हुआ शोकॉज

17 जगहों को किया चिह्नित

छह माह में काम पूरा करने का दिया आदेश

केंद्रीय सहायता (एसीए) के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शुरू हुई लघु जलापूर्ति योजना में घालमेल

बिना विज्ञापन 5 माह में दो बार टेंंडर

गलत तरीके से दोबारा निकाला टेंडर