कार्यशाला से सीखी जीने की कला : सिंह
जमशेदपुर | न्यूरोलिगेस्टिक प्रोग्राम (एनएलपी) के तहत आयोजित दो दिवसीय पीक परफॉरमेंस कार्यशाला से पदाधिकारियों की विभागीय कार्य क्षमता और कार्यशैली में परिवर्तन होगा। कार्यशाला से पदाधिकारियों ने जीने की कला भी सीखी है। यह बातें सिंहभूम के क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक वाईके सिंह चौहान ने कहीं। वे झारखंड वन विभाग द्वारा मंगलवार को मानगो स्थित वन विभाग के सभागार में उच्चतम कार्यक्षमता पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यशाला में वन संरक्षक वाइके दास, सत्यजीत सिंह, संजीव कुमार, डीएफओ डॉ बी भास्करन, एसआर नीतेश, भगवान सिंह, बीएस दुबे, कर्मा जिंपा भूटिया आदि मौजूद थे।