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कहां िकतना हुआ मतदान

7 वर्ष पहले
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िवस चुनाव के तीसरे चरण में 17 सीटों पर 61.35%वोिटंग

स्याही ने िलख डाली तकदीर

प|ी की ड्यूटी कर रहे थे पति

सीईओ कार्यालय के सामने के बूथ का हाल

अपनी बारी का इंतजार करतीं महिला वोटर

भास्कर संवाददाता | रांची/जमशेदपुर

झारखंडविधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार को 17 सीटों पर 61.35% वोटिंग हुई। विधानसभा चुनाव 2009 की तुलना में इस बार करीब छह फीसदी अधिक वोटिंग हुई, मगर लोकसभा चुनाव 2014 की तुलना में यह दो फीसदी कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके जाजोरिया ने बताया कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है। अंतिम रिपोर्ट आने पर इसमें एक-दो फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।

चुनाव में एक बार फिर राजधानी के लोग वोट डालने के लिए घरों से नहीं निकले जबकि अन्य क्षेत्र के लोगों ने तो लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इससे रांची, हटिया, कांके और खिजरी विधानसभा क्षेत्र की वजह से वोटिंग प्रतिशत बहुत आगे नहीं बढ़ पाया। सिल्ली विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 74.77 फीसदी लोगों ने वोट डाले, जबकि रांची में सबसे कम 44.44 फीसदी लोगों ने ही उंगली में काली स्याही लगाना पसंद किया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सामने केंद्रीय विद्यालय सेक्टर टू में तीन बूथ 134, 135 अौर 140 थे। बूथ नंबर 134 की बीएलओ थी गीता बड़ाईक। लेकिन वहां मतदाता पर्ची लेकर मौजूद थे उनके पति संतोष बड़ाईक।

21 ईवीएम, 107 वीवी पैट बदले गए

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मॉक पोल के दौरान 56 ईवीएम में गड़बड़ी पाई गई। इसे बदल दिया गया। 21 ईवीएम में खराबी आई, जिसे बदला गया। 107 वीवी पैट भी बदले गए।

टीम लीडर मैं हूं, यह मेरी भी कमी : जाजोरिया

रांची जिले में कम मतदान होने पर जाजोरिया ने कहा, टीम लीडर की हैसियत से देखें तो इसमें मेरी कमी मानी जाएगी कि रांची में वोट प्रतिशत सबसे कम रहा। उन्होंने कहा कि रांची के साथ बेहतर फॉलोअप नहीं हो पाया। यहां प्रचार-प्रसार की सामग्री रखी रह गई। रांची के मुख्य निर्वाची पदाधिकारी ने दावा किया था कि 97 फीसदी लोगों को मतदाता पर्चियां पहुंचा दी गई हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। छोटी-छोटी गलतियां हुई हैं, जिसे सभी को स्वीकारना होगा।