- Hindi News
- एक जनवरी से ~839 में मिलेगा घरेलू सिलेंडर
एक जनवरी से ~839 में मिलेगा घरेलू सिलेंडर
शहरके गैस उपभोक्ताओं के लिए एक जनवरी 2015 से केंद्र की डीबीटीएल (डायरेक्ट कैश बेनीफिट ट्रांसफर) योजना लागू की जा रही है। इस योजना के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर 839 रुपए में खरीदने पड़ेंगे। गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि (388.50 रुपए) सीधे उपभोक्ताओं के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। अकाउंट में सब्सिडी का पैसा आने के बाद एक सिलेंडर 440.50 रुपए का ही पड़ेगा।
आधारलिंक कराने में जुटी एजेंसियां
केंद्रसरकार की योजना के आदेश के अनुरूप गैस एजेंसियां सब्सिडी की राशि ट्रांसफर करने के लिए जरूरी कागजात लेना और बैंक से उपभोक्ताओं को आधार नंबर लिंक करने की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए आधार से सभी ग्राहकों को लिंक किया जा रहा है। आधार नंबर से लिंक होने से उपभोक्ताओं के अकाउंट में सब्सिडी की राशि मिलने लगेगी। इसी के जरिये बैंक और एजेंसी के माध्यम से राशि का ट्रांजेक्शन होगा।
^एक जनवरी 2015 से गैस सब्सिडी की राशि उपभोक्ताओं के अकाउंट में जाएगी। इसके लिए सभी ग्राहकों को बैंक से अकाउंट को लिंक कराना होगा। 31 दिसंबर 2014 तक सभी ग्राहकों को लिंक करा लेने से जनवरी से सब्सिडी की राशि सीधे अकाउंट में जाएगी। एक जनवरी से सिलेंडर की पूरी कीमत उपभोक्ताओं को देनी होगी।^ताराचंद्र अग्रवाल,सचिव,गैस डीलर एसोसिएशन, जमशेदपुर
खाद्य विभाग भी करेगा निगरानी
ग्राहकोंके खाते में सब्सिडी की रकम समय पर जा रही है या नहीं, इसकी निगरानी खाद्य विभाग के अफसर भी करेंगे। सरकार की ओर से दिए गए आदेश के मुताबिक, खाद्य निरीक्षक गैस एजेंसियों से हर महीने ये आंकड़े जुटाएंगे कि उनके पास कितने लोगों ने सब्सिडी के लिए फॉर्म भरा है और कितने उपभोक्ताओं के खातों में रकम ट्रांसफर हुई।
आधारनहीं, तो वोटर कार्ड का होगा उपयोग
जिसग्राहक के पास आधार कार्ड नहीं है, उनको अधिक घबराने की जरूरत नहीं है। वोटर कार्ड पर भी ग्राहकों को लिंक किया जा सकता है। एजेंसी में फॉर्म भरने के बाद आधार कार्ड नहीं होने पर वोटर आईकार्ड भी दिखाई जा सकती है। इससे भी सब्सिडी की राशि मिलनी शुरू हो जाएगी।
दिसंबर तक भरना होगा फॉर्म
सब्सिडीकी रकम खाते में पाने के लिए ग्राहकों को दिसंबर तक फॉर्म भरना होगा। उसके बाद ही उन्हें जनवरी से सब्सिडी की रकम खाते में मिलेेगी। दिसंबर तक फॉर्म नहीं भर पाने वाले बाद में