500 लोगों को दिया रोजगार
जमशेदपुरवीमेंस कॉलेज से पढ़ाई कर वहीं लेक्चरर बनीं और अब एक सफल उद्यमी के तौर पर महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं आदित्यपुर की उषारानी झा। आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक नहीं, तीन-तीन प्लांट (आर्क फर्नेस) स्थापित कर आज वह 500 लोगों को रोजगार दे रही हैं। यहां बनने वाले उत्पाद की मांग खाड़ी देशों के अलावा सिंगापुर में भी है। यही वजह है कि वैश्विक औद्योगिक मंदी के दौर में भी उषारानी की कंपनी प्रोवेस इंटरनेशनल में तीनों शिफ्ट में काम होते रहे और कामगारों को कभी काम की शिकायत नहीं हुई।
14साल में पाया मुकाम
बकौलउषा, पिता बीएन मिश्रा (एनआईटी जमशेदपुर के गणित विभागाध्यक्ष) के सपनों को साकार करने के लिए वह उद्यमी बनीं। तीन भाइयों की इकलौती बहन होने के बावजूद उन्होंने अलग हटकर कुछ करने की ठानी थी। यही वजह रही कि 1991 में जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी छोड़ वह उद्यमिता के गुर सीखने जर्मनी चली गईं। वहां से लौटकर उन्होंने आयडा से जमीन लेकर 1998 में कंपनी की नींव रखी। लेकिन मुकाम मिला 2005 में, जब उन्होंने आर्क फर्नेस का कारोबार शुरू किया।
क्या है आर्क फर्नेस
आर्कफर्नेस में उच्च क्वालिटी की स्टील तैयार होती है। इस फर्नेस से तैयार स्टील से उच्च क्वालिटी का सरिया बनाया जाता है। प्रोवेस इंटरनेशनल की ओर से तैयार उत्पाद लुधियाना की अरोड़ा स्टील के अलावा ओमान के मस्कट स्टील को निर्यात की जाती है। दुबई सिंगापुर की स्टील कंपनियां भी इस कंपनी के उत्पाद को आयात करती है।
युवतियों को प्रशिक्षण
उषाने बताया कि उनका लक्ष्य महिला उद्यमियों की संख्या बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए वह हर साल अपनी कंपनी में उद्यमिता प्रशिक्षण का आयोजित करती हैं। इसमें इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही युवतियों को आमंत्रित किया जाता है।
कंपनी में 40 फीसदी महिलाएं
बकौलउषा, उन्होंने अपने प्लांट में 40 फीसदी महिलाओं को काम दे रखा है। ये महिलाएं ऑफिसर ग्रेड से लेकर कामगार के पद पर कार्यरत हैं।
पति-पिता का मिला सहयोग
भुवनेश्वरके उत्कल यूनिवर्सिटी से इन्वायरोसाइंस में डाक्टरेट की उपाधि-प्राप्त उषा ने बताया कि इनके इस सपने में पिता बीएन झा और पति राजेश झा ने काफी सपोर्ट किया। पिता ने उन्हें 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद की। इसके अलावा पति भी कंपनी में 50 फीसदी के पार्टनर हैं। र