श्रम कानून पर सेमिनार 29 को
अंतरराष्ट्रीयश्रम संगठन (आईएलओ) ब्यूरो फॉर वर्कर्स एक्टिविटीज (एसीटीआरएवी) के साथ मिलकर भारत के श्रम कानूनों में हो रहे बदलाव पर 29 सितंबर को एक्सएलआरआई में सेमिनार का आयोजन करने जा रही है। इसमें आईएलओ के साथ ही विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ वैश्वीकरण के इस दौर में भारत के श्रम कानून में हो रहे बदलाव पर अपने विचार रखेंगे।
इस संबंध में एक्सएलआरआई के प्रो. केआर श्यामसुंदर ने बताया कि सेमिनार का मकसद श्रम कानूनों में हो रहे बदलाव के मद्देनजर श्रमिकों
्रमिकों के अधिकार को सुनिश्चित करना है। सेमिनार में इस बात पर बहस होगी कि देश के आर्थिक विकास में श्रम कानूनों में लचीलापन कितना सही है? कहीं इससे श्रमिकों के अधिकार का उल्लंघन तो नहीं होगा? साथ ही 10 जुलाई को एसीटीआरएवी की डायरेक्टर मारिया हेलेना एंड्रयू के भारत दौरे के दौरान हुए नेशनल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस की सिफारिशों पर भी चर्चा होगी।
^वैश्वीकरणके इस दौर में श्रम कानूनों की रक्षा जरूरी है। एक्सएलआरआई की कोशिश है कि श्रम कानूनों में हो रहे बदलाव के पहले व्यापक विमर्श के बाद ही राय बने।^ ई.अब्राहम,निदेशक,एक्सएलआरआई
ये करेंगे शिरकत
प्रो.राघवन (आईएलओ), क्रिस्टिना नाथन (एसीटीआरएवी), प्रो. देवनाथन (इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन डेवलेपमेंट, नई दिल्ली), प्रो. प्रवीण झा (सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज एंड प्लानिंग)
क्याहै आईएलओ
इंटरनेशनललेबर आर्गेनाइजेशन (आईएलओ) संयुक्त राष्ट्र संघ से संबद्ध संस्था है। यह संगठन वैश्विक स्तर पर श्रम कानूनों के लिए मानक और नियामक बनाता है, ताकि श्रम कानूनों की रक्षा की जा सके।