शिक्षा का हो रहा व्यापार : महाराज
जमशेदपुर। शिक्षाव्यापार का माध्यम बन गई है, जबकि शिक्षा के माध्यम से नैतिक और सांसारिक मूल्यों से नई पीढ़ी को अवगत कराना चाहिए। लेकिन, दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है और इसी वजह से समाज का मूल स्वरूप बदल रहा है। संदीपन आश्रम से दीक्षित सुदामा अच्छे ज्ञाता थे और जिस शिक्षा व्यवस्था के प्रवर्तक थे अगर वह लागू हो जाती, तो आज भारत कई अर्थों में उच्चतम शिखर पर होता। यह बातें कथावाचक रामनिवासाचार्य ने कहीं। वे जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिव मंदिर में श्राद्ध मास के अवसर पर चल रहे श्रीमदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ के 13वें दिन सोमवार को सुदामा चरित्र, यदु कुल श्राप और विदाई नवयोग संचार प्रसंग पर श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रहे थे। कथा का समापन मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ होगा।