गुरुनानक देव का जोती-जोत दिवस मना
बारीडीहगुरुद्वारा में सोमवार को सिख धर्मावलंबियों के पहले गुरु श्री गुरुनानक देवजी याद किए गए। मौका था गुरुनानक देवजी के जोती जोत दिवस पर सजे विशेष कीर्तन दरबार का। सुबह दस बजे सिख स्त्री सत्संग सभा की महिलाओं ने गुरवाणी कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इससे पूर्व श्री सुखमणि साहिब का पाठ किया गया।
अंत में अरदास हुई और प्रसाद का वितरण किया गया। मालूम हो कि 22 सितंबर 1539 में करतारपुर में जीतो जोत समां गए थे। तब उनकी उम्र 69 साल 10 माह और 10 दिन थी। कार्यक्रम में गुरमीत कौर, सतनाम कौर, अमरजीत कौर, परमजीत कौर, बलविंदर कौर, कमलजीत कौर आदि ने सहयोग किया।
बारीडीह गुरुद्वारा में गुरवाणी-कीर्तन करतीं स्त्री सत्संग सभा की महिलाएं।
बारीडीह गुरुद्वारा परिसर में नेत्र जांच करते डॉक्टर।
शिविर में 145 लोगों की हुई नेत्र जांच