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शहर को विकसित करने के लिए बनेगा कंप्रहेंसिव मोबिलिटी प्लान

6 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर -रांची

शहरको व्यवस्थित रूप से विकसित करने के लिए कंप्रहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) तैयार होगा। जमशेदपुर के अलावा चाईबासा समेत राज्य के अन्य चार शहरों को विकसित करने के लिए सीएमपी में शामिल किया गया है। सीएमपी का प्लान एलएंडटी कंपनी बनाएगी। इसके लिए गुरुवार को एटीआई रांची में हुई बैठक में नगर विकास विभाग और एलएनटी के बीच करार भी हुआ। नौ माह के अंदर कंपनी प्लान बनाकर सरकार को सौंप देगी। इसके बाद राज्य सरकार केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को सीएमपी भेजेगी। मौके पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

क्याहै सीएमपी

शहरीपरिवहन व्यवस्था बनाने के लिए कंप्रहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) नई पहल है। सीएमपी में ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम को विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना होती है। इसमें सड़क की चौड़ाई, बसों की संख्या, बस स्टैंड का डिजाइन, रोड मार्किंग, बस का रूट आदि तय किया जाता है। साथ ही रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैंड से यात्रियों को कवर करने के लिए बस की फ्रिक्वेंसी तय की जाती है, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को हमेशा बस की सुविधा मिल सके।

सीएमपी के दायरे में कौन-कौन क्षेत्र

सीएमपीके तहत जमशेदपुर अक्षेस के अलावा मानगो अक्षेस , जुगसलाई नगरपालिका , आदित्यपुर नगर पर्षद और शहर से सटे इलाके शामिल किए जाएंगे, जिनमें गोविंंदपुर, राहरगोड़ा, परसुडीह , सुंदरनगर, बागबेड़ा, घोड़ाबांधा करनडीह के इलाके भी शामिल होंगे। ये इलाके सेंसेक्स विलेज माने जाते हैं।

नौमाह में तैयार होगा सीएमपी

सीएमपीबनाने के लिए एलएंडटी कंपनी का चयन किया गया है। इसे तैयार करने में लगभग 9 माह का समय लगेगा। जमशेदपुर, चाईबासा, रांची और चास (बोकारो) का सीएमपी तैयार करने पर लगभग 70 लाख रुपए खर्च होंगे।

यह होगा बड़ा फायदा

सीएमपीबनने के बाद राज्य सरकार को केंद्र सरकार से अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम लागू करने के लिए अलग से फंड मिलेगा। एक शहर के लिए कम से कम 500 बसें मिलने की संभावना है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए भी संबंधित निकाय को फंड मिलेगा।

मास्टरप्लान के काम में तेजी

शहरके मास्टर प्लान बनाने के काम में तेजी गई है। गुरुवार को रांची में हुई बैठक में मास्टर प्लान पर भी चर्चा हुई। शहर के मास्टर प्लान में कुछ संसोधन किया जाना है। तीन से चार माह के अंदर संशोधित मास्टर प्लान बन तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे मंजूरी दे दी जाएगी।

क्यों हैं जरूरी

शहरीपरिवहन योजना तैयार करने से पहले किसी भी शहर का सीएमपी तैयार करना जरूरी है। केंद्र सरकार की ओर से शहरी परिवहन योजना की स्वीकृति या फंड तभी दिया जाएगा, जब संबंधित शहर का सीएमपी रहेगा। केंद्र सरकार ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर में अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लागू करना अनिवार्य कर दिया है, ताकि निजी वाहनों का उपयोग कम हो सके। अर्बन ट्रांसपोर्ट के लिए केंद्र सरकार हर शहर को अलग से फंड देने की तैयारी में है। इसे देखते हुए झारखंड में सीएमपी बनाने की कवायद तेज हो गई है।