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केयू को नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश
संतोष कुमार मिश्र . जमशेदपुर
कोल्हान यूनिवर्सिटी (केयू) के परीक्षा नियंत्रक डॉ गंगा प्रसाद सिंह की पिटाई मामले को राजभवन ने गंभीरता से लिया है। केयू के वीसी को राज्यपाल के प्रधान सचिव ने आदेश दिया है कि घटना में शामिल कथित छात्र नेताओं पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराएं। क्योंकि नामजद प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने से पुलिस कार्रवाई में परेशानी हो रही है। चाईबासा पुलिस भी घटना को अंजाम देने वालों को जानती है, पर नामजद प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से घटना के मुख्य आरोपी को पकड़ने में वह कतरा रही है। क्योंकि घटना का प्रमुख आरोपी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का खास है। वह टाटा कॉलेज, चाईबासा के एसटी हॉस्टल में वर्षों से अवैध रूप से रह रहा है।
क्या है मामला
पिछलेदिनों केयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ गंगा प्रसाद सिंह को कथित छात्र नेताओं ने बेरहमी से पिटा था। इस दौरान उन्हें जूता का माला पहना कर यूनिवर्सिटी कैंपस में घुमाया गया था। घटना के बाद वीसी डॉ आरपीपी सिंह की अध्यक्षता में आपात बैठक की गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बगैर काम करने से इंकार करते हुए पूजा की निर्धारित छुट्टी से एक दिन पहले ही यूनिवर्सिटी बंद करने की घोषणा कर दी गई। परीक्षा नियंत्रक द्वारा स्थानीय थाना को घटना की लिखित शिकायत की गई है, पर उसमें किसी को नामजद नहीं किया गया। इससे पुलिस कार्रवाई करने में संकोच कर रही है।
दोषियों को सजा दिलाकर दम लूंगा : वीसी
^केयूके वीसी डॉ आरपीपी सिंह ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक की पिटाई करने वाले को वह सजा दिला कर रहेंगे। इसके लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जाएगा। घटना में संलिप्त व्यक्ति चाहें कितना भी पहुंच वाला क्यों हो उससे यूनिवर्सिटी प्रशासन नहीं डरेगा। क्योंकि दोषी अगर बच गए, तो यूनिवर्सिटी में नए ट्रेंड की शुरुआत हो जाएगी और केयू में अराजकता का बोलबाला बढ़ जाएगा। घटना में बीएड कांट्रैक्ट टीचर्स के हाथ होने की भी सूचना है।^ डॉआरपीपी सिंह, वीसीकेयू
एफओ की पिटाई की भी योजना
दुर्गापूजा छुट्टी के बाद केयू के फाइनांस ऑफिसर (एफओ) की पिटाई की योजना कथित छात्र नेताओं ने बनाई है। इस बात की आशंका चाईबासा विशेष शाखा ने प्रशासन को दी गई रिपोर्ट में जताई है। विशेष शाखा की रिपोर्ट में कहा गया है कि एफओ कई कॉलेजों के बकाया बिल भुगतान पर रोक लगाए हुए हैं। इससे कुछ कॉलेजों के प्रिंस