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बेहतर साफ-सफाई पर एक लाख का इनाम

7 वर्ष पहले
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प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से प्रेरणा लेते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। बोर्ड ने महात्मा गांधी के सिद्धांत ‘जहां सफाई है, वहीं भक्ति है’ से प्रेरणा लेते हुए स्वच्छता अभियान से स्कूलों बच्चों को जोड़ने का फैसला किया है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार ने 25 सितंबर से 31 अक्टूबर तक ‘स्वच्छ भारत, स्वच्छ विद्यालय’ मुहिम की शुरुआत की है। इसके तहत सीबीएसई ने देशभर के अपने सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी कर इस समयावधि में स्कूलों को स्वच्छ रखने और छात्र-छात्राओं को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने का निर्देश दिया है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस मुहिम में जिस भी स्कूल का प्रदर्शन बेहतर होगा, उन्हें नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सीबीएसई के इस प्रयास में स्कूल के छात्र, शिक्षक, अभिभावक और स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य सभी शामिल होंगे।

स्कूलों में ये गतिविधियां होंगी आयोजित

>>प्रत्येक दिन स्कूल में प्रार्थना के समय छात्रों से साफ-सफाई के बारे में बातचीत।

>>स्कूल की प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय एवं लाइब्रेरी की सफाई।

>>स्कूल में स्थापित किसी भी प्रतिमा की सफाई।

>>शौचालय और पीने वाले पानी की जगह की सफाई।

>>स्टोर रूम और खेलकूद मैदान की सफाई।

>>स्कूल के बगीचों का रखरखाव और सफाई।

>>स्कूल भवन की रंगाई-पुताई और रखरखाव।

>>सफाई विषय पर चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद, नाटक, नुक्कड़ नाटक आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन।

^बोर्ड का यह एक बेहतर प्रयास है। इससे स्कूलों में एक-दूसरे से अधिक स्वच्छ रहने की स्पर्धा होगी। साथ ही इसके जरिए बच्चों में भी स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।^ विपिनशर्मा, प्रिंसिपलविद्याभरती चिन्मया विद्यालय

ऑनलाइन दें जानकारी

सीबीएसई के सर्कुलर के तहत स्कूलों में स्वच्छता अभियान में किए गए प्रयासों को डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट स्कूल सेनिटेशन डॉट कॉम पर ‘स्वच्छता स्थिति’ ऑनलाइन भेज सकते हैं। बेहतर सफाई व्यवस्था के आधार पर स्कूलों को रेटिंग दी जाएगी, जिसका कार्य सबसे बेहतर होगा, उसे हरा रेटिंग के साथ एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार मिलेगा। इसके अलावा नीला रेटिंग पर 75 हजार, पीला रेटिंग पर 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, जिसे काला या लाल रेटिंग मिलेगा, उस स्कूल में सुधार की गुंजाइश