जमशेदपुर. सप्ताह में पांच दिन ड्यूटी व्यवस्था केवल अधिकारियों और मिनिस्ट्रियल स्टाफ वाले विभागों में शुरू करने से ही कंपनी को साल में पांच से छह मेगावाट बिजली की बचत होगी। शनिवार को ये विभाग चार घंटे के लिए खुलते थे, लेकिन किसी न किसी कारण से दिन भर खुले रह जाते थे। अब काम पांच दिनों में हो जा रहे हैं।
मात्र एक दिन और बंद होने से कंपनी की साल भर में पांच से छह मेगावाट बिजली की खपत कम हो जाएगी।
ये विभाग रह रहे शनिवार को बंद
-जेनरल ऑफिस
- सभी विभागों में अधिकारियों का कार्यालय
- एसएनटीआई
- सेंटर फॉर एक्सीलेंस
- स्पाेर्ट्स डिपार्टमेंट
- अर्बन सर्विसेज
- मार्केट विभाग
- इस्टेट विभाग
- लैंड विभाग
- स्टैबलिसमेंट विभाग
रोड सेफ्टी पर पड़ा असर
सप्ताह में पांच दिन ड्यूटी से सबसे बड़ा फर्क रोड सेफ्टी पर पड़ा है। अब दिन में प्लांट के भीतर कर्मचारियों और अधिकारियों का अावागमन कम हो गया है। शनिवार को पूरा प्लांट वीरान नजर आ रहा है। इससे प्लांट के भीतर सड़कों पर वाहनों की भीड़ कम हो गई है।
सप्ताह में एक दिन अवकाश होने से रविवार को कदमा और बिष्टुपुर बाजार में चारपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए भीड़ लग जाती थी। इससे बाजार में जाम लग जाता था, लेकिन इस सप्ताह अधिकारियों को दो दिन साप्ताहिक अवकाश मिला, तो यह स्थिति देखने को नहीं मिली।
पर्यावरण को होगा कम नुकसान :
शनिवार और रविवार को कंपनी के भीतर वाहन कम चल रहे हैं। इससे प्रदूषण कम होगा। वाहनों के चलने से कार्बन डायऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। उसमें दो दिन जरूर राहत मिलेगी। तीन हजार ऑफिसर और लगभग 400 कर्मचारियों के वाहन के चक्के दो दिन थम जा रहे हैं।
घरेलू कार्य कर रहे हैं कर्मचारी
100-200 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले कर्मचारी और अधिकारी अपने गांव और रिश्तेदारों के घर घूम कर आ जा रहे हैं। कई घरेलू कार्य जो उनका पेंडिंग रह जाता था, वे कर ले रहे हैं।