तीन दिन में दो हत्या, तनाव बरकरार
वर्चस्व की लड़ाई में अबतक 5 मारे गए
जमशेदपुर | सोनारीथाना अंतर्गत दोमुहानी तट पर बसी दो बस्तियां निर्मल नगर और रूपनगर के युवकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई ने इतना विकराल रूप ले लिया है कि क्षेत्र में आतंक का माहौल कायम हो गया है। वर्चस्व की लड़ाई तो रुपए-पैसे के लिए चल रही है और ही किसी व्यापार पर कब्जा के लिए। दोमुहानी क्षेत्र का बादशाह कौन बस्ती बनेगी, इसकी लड़ाई चल रही है।
दोनों बस्तियों के बीच टकराव ऐसा होता है कि पुलिस के भी पसीने छूट जाते हैं। वर्ष 2011 से शुरू हुए गैंगवार में अबतक पांच लोगों की हत्या हो चुकी है। गैंगवार में कुछ निर्दोष भी मौत के घाट उतारे जा चुके हैं। वर्चस्व की लड़ाई को रोकने में पुलिस भी विफल रही है। 11 फरवरी को रूपनगर निवासी वीरू महाली की हत्या निर्मल नगर के युवकों ने कर दी, तो शनिवार को इसका बदला कालीचरण की हत्या कर लिया गया। कालीचरण की हत्या के बाद एक बार फिर से क्षेत्र में गैंगवार की आशंका बनी हुई है।
बदले की ताक में रहते हैं बस्तीवासी
दोनोंबस्तियों के युवक अपने दुश्मन से बदला लेने में लगे रहते हैं। बस्तियों की ओर आने वाले युवकों पर नजर रहती है। दुश्मन मिलने के साथ ही हमला कर दिया जाता है। पुलिस हर हत्या के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजती है। लेकिन गिरोह के अन्य सदस्य सक्रिय रहते हैं।
हत्या के बाद उपद्रव होना आम बात
गैंगवारमें हत्या के बाद उपद्रव आम बात होती है। दोनों बस्तियों के लोग सड़क पर जाते हैं और न्याय की गुहार लगाते हैं। दोनों बस्तियों के लोग एक-दूसरे के ऊपर पथराव करते हैं। पिछले वर्ष दोनों बस्तियों में तनाव इतना अधिक हो गया था कि लगभग पंद्रह दिन तक पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी थी।
अब तक इनकी हुई है हत्या
शशिपासवान, संजय पोद्दार, फूल महाली, वीरू महाली, कालीचरण
पत्थर और चाकू से करते हैं हमला
दोनोंबस्तियों के बीच गैंगवार में सभी लोगों की हत्या चाकू और पत्थर से हमला कर किया गया है। दोनों बस्तियों के सक्रिय गुट आग्नेयास्त्र का उपयोग नहीं करते। वे घात लगाकर हमला करते हैं। सभी हत्याएं दोनों बस्तियों या इसके आसपास के क्षेत्रों में ही हुई हैं। पत्थर से हत्या करने के पीछे खौफ दिखाना मुख्य उद्देश्य होता है। हत्या के बाद सभी आरोपी फरार होकर या तो नदी के उस पार चले जाते हैं या फिर बस्ती छोड़ देते हैं।
पुलिस ने जुस्को को लिखा पत्र
सोनारीकी अवैध बस्तियों की वजह से आपराधिक घटनाओं में हो रही वृद्धि को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से जुस्को को पत्र लिखा गया है। पत्र में अवैध बस्तियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। साथ ही अवैध बस्तियों को हटाने में हर तरह से सहयोग देने का भी उल्लेख है। हालांकि जुस्को या पुलिस की ओर से बस्तियों का नाम नहीं बताया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि हाल के दिनों में जिन बस्तियों में आपराधिक घटनाएं या अवैध कारोबार पकड़े गए हैं, उन बस्तियों के नाम सूची में शामिल हैं।
शनिवार की घटना के बाद रूपनगर और निर्मल नगर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। इनसेट में रूपनगर में पथराव के बाद सड़क की स्थिति।