प्रेम से प्रगट होते हैं भगवान : पराशरजी
श्रीकृष्णसर्वत्र हैं, वह प्रकट होते हैं केवल प्रेम से और यह प्रेम ही प्रभु भक्ति है। यह बातें बारीडीह में चल रही भागवत कथा के दौरान आचार्य संजय पराशर ने कही। उन्होंने कहा कि भक्ति में वह शक्ति है जो भगवान को सातवें आसमान से नीचे उतार लाती है। लेकिन, भक्ति में भी भाव की जरूरत होती है। पराशरजी ने कहा कि भगवान की कृपा से ही उन्हें जाना जा सकता है और यह कृपा भक्ति से ही मिलती है। कथा के दौरान भगवान कृष्ण का प्रकृति से विवाह हुआ। इस अवसर पर कथा सुनने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे। अंत में प्रसाद वितरित किया गया। सोमवार को कृष्ण-सुदामा मिलन की कथा होगी।
बारीडीह में भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।