बिहार और झारखंड में 17 हजार करोड़ राजस्व होगी उगाही : शिव
केंद्रीयउत्पाद एवं सेवा कर, पटना प्रक्षेत्र के मुख्य आयुक्त शिव नारायण सिंह ने कहा कि बिहार और झारखंड में केंद्रीय उत्पाद के तहत 17000 करोड़ रुपए राजस्व की उगाही होगी। सालाना लक्ष्य 14 हजार करोड़ रुपए का है। सेवा कर के तहत 2000 करोड़ की उगाही का लक्ष्य मिला है। लेकिन, सालाना लक्ष्य से अधिक सेवाकर की वसूली हो जाएगी। सिंह शुक्रवार को बिष्टुपुर में सीमा शुल्क एवं सेवा कर के नए कार्यालय भवन का उदघाटन करने पहुंचे थे।
भवन उदघाटन के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विभाग व्यापारी और उद्यमी को अनावश्यक परेशान नहीं करना चाहता। छापामारी से परहेज करने की मंशा है। फिर भी टैक्स के मामले में नियम तोड़े जाएंगे, तो कार्रवाई होगी ही। बिहार एवं झारखंड में टैक्स नहीं देने के मसले पर 250 केस हुए हैं। इनमें सीमा शुल्क के 200 और सेवाकर के 50 केस हैं। इन केसों में 140 करोड़ रुपए कर-वंचना पकड़ में आई है।
उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में करदाता की छतरी को और बढ़ा किया जाएगा। उद्यमी एवं व्यापारी नैतिकता के तहत कर का भुगतान करें, इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि कर देना कितना जरूरी है। करदाता मेक इन इंडिया और इज टू डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दें। इसके तहत उद्योग लगाने में सुविधा होगी।
जीएसटीलागू होना बढ़िया
शिवनारायण सिंह ने कहा कि जीएसटी कानून बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। इससे उत्पादन और व्यापार करना आसान होगा। पूरे देश का बाजार एक समान हो जाएगा। यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है। जीएसटी लागू होना देश के लिए बढ़िया होगा।
पाथमंत्र से निखरेगी छवि
शिवनारायण सिंह ने कहा कि पाथ (पीएटीएच) मंत्र से विभाग की छवि निखरेगी। प्रोफेशनलिज्म, अकाउंटेबिलिटी, ट्रांसपेरेंसी और ऑनेस्टी, ये चार चीजें हर अधिकारी एवं कर्मचारी में होनी चाहिए। अफसर का आचरण ठीक नहीं होगा, तो सुधार नहीं हो सकता।
बिष्टुपुर में चार एकड़ भूमि में केंद्रीय उत्पाद और सेवा कर के अत्याधुनिक कार्यालय का शुक्रवार को उदघाटन हुआ। बिहार और झारखंड के मुख्य आयुक्त शिव नारायण सिंह ने शिलापट्ट का अनावरण किया। केंद्रीय भवन निर्माण निगम द्वारा 18.64 करोड़ की लागत से बनाए गए भवन में वह सब अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो कार्य करने के लिए बेहतर माहौल दे। खरकई नदी का किनारा, हवादार भवन, रिक्रिएशन कॉन्फ्रेंस हॉल के साथ अत्याधुनिक उपकरण से लैस जिम। टाटा स्टील के भीतर केंद्रीय उत्पादन के टिस्को वन एवं टू, जेनरल ऑफिस के सामने टाटा डिवीजन वन, टाटा मोटर्स और सहयोगी कंपनी के लिए बने टेल्को के रेंज वन, टू और थ्री, चक्रधरपुर और घाटशिला स्थित रेंज कार्यालय को छोड़ सभी कार्यालय अब इसी नए भवन में जाएंगे। 250 अधिकारी एवं कर्मचारी को तकलीफ, हजारों करदाता को।
संस्कृतिके मुताबिक विभागीय प्रशासन चले : मुख्य आयुक्त
जमशेदपुरके आयुक्त पी के कटियार के मार्गदर्शन में उद्घाटन समारोह को बेहद यादगार बनाया गया। गीत संगीत हुआ। पारंपरिक नृत्य भी हुए। शिव नारायण सिंह ने कहा कि स्वर्गीय वीपी सिंह वित्त मंत्री थे, तो एक दिन में लखनऊ में 40 जगहों पर छापामारी की गई थी। तब तथाकथित परमिट और रेड राज था। हम मुक्त अर्थव्यवस्था में हैं। अमेरिका महज 50 से 60 साल में विश्व की आर्थिक महाशक्ति इसलिए बन गया, क्योंकि वहां कारोबार के लिए आजादी मिली। हर इलाके की संस्कृति के मुताबिक विभागीय प्रशासन चलना चाहिए। अधिकारी अपनी लक्ष्मण रेखा को जानें। भ्रष्टाचार नहीं करें। इससे पहले केंद्रीय उत्पाद आयुक्त जेके झा और पीके कटियार, कस्टम आयुक्त बीसी गुप्ता और सीपीडब्ल्यूडी चीफ बी सैनी के साथ मुख्य आयुक्त ने दीप प्रज्जवलित किया। उद्घाटन समारोह के बाद मुख्य आयुक्त ने केंद्रीय उत्पादन और सेवा कर के अधिकारियों को संबोधित किया। येशामिल हुए : प्रधानआयकर आयुक्त श्याम कुमार, बीएसएनएल के वरीय महाप्रबंधक बीएन सिंह, एनआईटी निदेशक प्रोफेसर रामबाबू कोडाली, सिटी एसपी चंदन झा, सीआरपीएफ कमाडेंट पीके सिंह, केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर के अपर आयुक्त मोनिका बत्रा, बीके सिंह, दीप्ति जयराज, जेके लाल, प्रतुल तिवारी, अमित कुमार, अनूप कुमार, मो. इकबाल, एसके चौधरी, एसके मरांडी , केके मिश्रा, सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया, महासचिव प्रभाकर सिंह, एसिया से इंदर अग्रवाल, संतोष खेतान, बेली बोधनवाला, टाटा मोटर्स के धानु कुमार, टाटा कमिंस के ऋषि अरोड़ा, राकेश अग्रवाल, अधिवक्ता चिन्मय कांति सरकार आदि।
नए कार्यालय में जानकारी देते मुख्य आयुक्त शिव नारायण सिंह और अन्य पदाधिकारी।