खिलाड़ियों की अनदेखी

5 वर्ष पहले
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राज्य और जिला बैडमिंटन संघ के बीच महीनों से विवाद चल रहा है। जिला और राज्य बैडमिंटन संघ के पदाधिकारी वर्चस्व को लेकर आपस में उलझ गए हैं। मोहन आहुजा स्टेडियम का रखरखाव ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। बैडमिंटन कोर्ट की हालत खराब हो गई है। फॉल सिलिंग टूट गई है। जगह-जगह से कोर्ट का फर्श भी उखड़ रहा है। ऐसे में खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में परेशानी होती है। वहीं काफी दिनों से टूर्नामेंट भी बंद है। खासकर बारिश के मौसम में पेरशानी दोगुनी हो जाती है।

छत में दरार पड़ जाने के कारण हल्की बारिश होने पर भी पानी टपकने लगता है। प्रैक्टिस करते वक्त कई बार खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। ऐसा नहीं कि मोहन हाहुजा स्टेडियम के बारे में संघ को जानकारी नहीं है। बता दें, दो साल पहले तत्कालीन कोच ने कोच ने भी कोर्ट की स्थिति से संघ को अवकत कराया था, लेकिन इसपर ध्यान नहीं दिया गया। जिम्मेदारों के उदासीन रवैये के कारण दिन-प्रतिदिन बैडमिंटन की दुर्गति हो रही है। तो स्कूल टूर्नामेंट हो रहा है और ना ही नेशनल राज्य स्तरीय खिलाड़ियों का ट्रायल। संघ के पदाधिकारियों का ध्यान इसपर नहीं है।

माेहन आहुजा स्टेडियम का दृश्य।

DB STAR EXPOSE

राज्य और जिला बैडमिंटन संघ में वर्चस्व को लेकर इस कदर लड़ाई छिड़ गई है कि तो टूर्नामेंट ना ही प्रैक्टिस हो रही है। अफसरों की लापरवाही के कारण लौहनगरी में बैडमिंटन का अस्तित्व खतरे में है। मोहन आहुजा स्टेडियम का रखरखाव भी ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। बैडमिंटन कोर्ट की हालत खराब हो गई है। फॉल सिलिंग टूट गई है। बारिश के दिनों में इंडोर स्टेडियम के अंदर पानी टपकता है।

राज्य और जिला बैडमिंटन संघ में विवाद के चलते जमशेदपुर में टूर्नामेंट और खिलाड़ियों की प्रैक्टिस बंद है। टीम को सेलेक्ट करने के लिए खिलाड़ियों का ट्रायल लिया जाता है। इसमें हर स्तर के खिलाड़ी शिरकत करते हैं। ट्रायल बंद होने से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते स्कूल, जिला स्तरीय और अन्य टूर्नामेंट बंद हैं। जमशेदपुर के खिलाड़ी तो राज्य ही राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बैडमिंटन का हश्र और भी खराब हो जाएगा।

राज्य और जिला बैडमिंटन संघ में वर्चस्व की लड़ाई, टूर्नामेंट हो रहे हैं और ही प्रैक्टिस

मोहन आहुजा स्टेडियम में तीन बैडमिंटन कोर्ट हंै। इसमें दो कोर्ट वुडन (लकड़ी) का है। जबकि सात साल पहले नया कोर्ट बनाया गया था। मगर रखरखाव के अभाव में इस कोर्ट की हालत भी खराब हो गई है। फर्श पर गड्ढे हो गए हैं। प्रैक्टिस करने में खिलाड़ियों को डर लगता है। तीन साल से कोर्ट की हालत खराब है। कोर्ट नंबर एक और दो काफी पुराना है। इसकी हालत सबसे ज्यादा खराब है।

झारखंड राज्य बैडमिंटन संघ और जिला बैडमिंटन संघ के विवाद की कोई नई घटना नहीं है। 2012 से अबतक राज्य बैडमिंटन संघ की ओर से तीन जिला संघ का गठन किया गया है। हर बार जिला संघ के पदाधिकारी पर आरोप लगाकर बर्खास्त कर दिया जाता है। 2012 में जमशेदपुर डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन को हटाकर बैडमिंटन एसोसिएशन ईस्ट सिंहभूम बनाया गया 2015 में इसको भी बर्खास्त कर दिया गया।

जमशेदपुर जिला बैडमिंटन संघ ने 13-15 जनवरी तक स्कूल लेबल बैडमिंटन टूर्नामेंट कराने की घोषणा की थी। इसके बाद जिला राज्य बैडमिंटन संघ के पदाधिकारी आपस में उलझ गए। राज्य बैडमिंटन संघ ने स्टेडियम में ताला जड़ दिया। काफी मान-मनौव्वल के बाद भी विवाद नहीं सुलझा। इसके चलते स्कूल टूर्नामेंट रद्द करना पड़ गया। स्कूल के बैडमिंटन खिलाड़ी निराश हैं।

मोहन आहुजा स्टेडियम में बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए जिम्नेजियम बनाया गया था, मकसद प्रैक्टिस करने में आसानी हो सके। मगर जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते इसकी फॉल सिलिंग टूट गई है। स्टेडियम के अंदर मलबा पड़ा है। प्रैक्टिस करते वक्त खिलाड़ियों को परेशानी होती है। टूर्नामेंट के वक्त क्षतिग्रस्त स्थान पर पर्दा डालकर छीपा देते हैं।

मोहन आहुजा स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट की स्थिति खराब है। नया कोर्ट तो बनने के कुछ दिन बाद ही जर्जर हो गया। वुडन कोर्ट तो दब गया है। खेलने के दौरान खिलाड़ी गिरकर घायल हो सकते हंै। ऊबड़-खाबड़ फर्श के कारण पैर टूट सकता है। इसके अलावा जिम की स्थिति भी अच्छी नहीं है। छत से पानी का रिसाव होता है। राज्य बैडमिंटन संघ की मनमानी के चलते यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। जबकि संघ के पास फंड की कोई कमी नहीं है। विवेकशर्मा, बैडमिंटन कोच।

विरोधी मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। साजिश के तहत स्कूल बैडमिंटन टूर्नामेंट आयोजित कराया जा रहा था। इसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। यदि विरोध करने वाले सही हैं तो जिला प्रशासन के पास अपना पक्ष क्यों नहीं रख पाए। बैडमिंटन एसोसिएशन में गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्टेडियम की स्थिति गड़बड़ नहीं है। कोर्ट में खराबी है तो उसे शीघ्र ही दुरुस्त किया जाएगा। प्रभाकरराव, सचिव, झारखंड बैडमिंटन एसोसिएशन।

झारखंड राज्य बैडमिंटन संघ की मनमानी चल रही है। बिना किसी आधार के जिला एसोसिएशन को भंग कर देते हैं। इस मनमानी के चलते बैडमिंटन का अस्तित्व खतरे में है। संघ का ध्यान खिलाड़ियों के उत्थान पर नहीं है। इससे बैडमिंटन को बचाने की आवश्यकता है। मो.राशिद, पूर्व सचिव, जमशेदपुर डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन।

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