एनएचएआई ने की मधुकॉन को काली सूची में डालने की अनुशंसा
37माह बीतने के बाद भी एनएच-33 को फोरलेन बनाने का काम महज 14 किलोमीटर ही हो पाया है। मई 2017 तक सड़क का निर्माण पूरा करने का भरोसा मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को दिया है। यक्ष प्रश्न यह है कि अगले 16 माह में 163 किलोमीटर सड़क का निर्माण कैसे पूरा होगा। योजना की लेट-लतीफी के कारण एनएचएआई रांची के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड को काली सूची में डालने की अनुशंसा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग मुख्यालय नई दिल्ली से की है।
जून2015 में पूरा होना था सड़क का निर्माण
रांचीके विकास विद्यालय से घाटशिला के महुलिया तक एनएच-33 को फोरलेन बनाने का कार्य हैदराबाद की कंपनी मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई थी। झारखंड सरकार के राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल ने नवंबर 2012 में सड़क एनएचएआई को सौंप दिया। एनएचएआई ने दिसंबर 2012 में सड़क मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड को दिया। सड़क का निर्माण जून 2015 तक पूरा कर लेना था, लेकिन अब तक केवल 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ है।
सड़क निर्माण की राशि अन्य मद में की खर्च
एनएच-33के चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट को हैदराबाद की केनरा बैंक ने फाइनेंस किया है। बैंक ने चरणबद्ध तरीके से करीब 900 करोड़ रुपए का भुगतान मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड को कर दिया है। कंपनी ने इस राशि को सड़क निर्माण में खर्च करने के बजाए अपने अन्य प्रोजेक्ट में खर्च कर दी है। इस कारण सड़क का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
कंपनी ने मई 2017 तक पूरा करने का दिया भरोसा
एनएचएआईकी ओर से मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड को काम जल्द पूरा करने के लिए दबाव बनाया गया है। साथ ही इस बात की भी चेतावनी दी गई है कि काम पूरा नहीं होने पर कंपनी को काली सूची में डाल दिया जाएगा। इसके बाद मधुकॉन की ओर से एनएचएआई को लिखित रूप से इस बात का भरोसा दिया गया है कि मई 2017 तक रांची से महुलिया तक सड़क का निर्माण पूरा हो जाएगा। पिछले दिनों केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रांची आए तो, उन्होंने कंपनी के अधिकारियों को बुलाया था। अधिकारियों ने नीतिन गडकरी को भी भरोसा दिया कि मई 2017 तक सड़क को फोरलेन बनाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की ओर से अब भी काम अपेक्षित रफ्तार से नहीं किया जा रहा है। 15 जून के बाद मानसून शुरू हो जाएगा। मानसून के दौरान सड़क के निर्माण से जुड़े काम बंद हो जाते हैं। फिर सितंबर में ही काम शुरू होगा, इसलिए निर्धारित समय तक काम पूरा होगा इसमें संशय है।
^मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने अब तक करीब 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया है। दिसंबर 2012 में सड़क निर्माण का काम एजेंसी को सौंपा गया था। निर्धारित मियाद समाप्त हो चुकी है। कंपनी ने मई 2017 तक काम पूरा करने का भरोसा दिया है। मनोजकुमार चौरे, मैनेजर (तकनीक) एनएचएआई, रांची
प्रोजेक्ट मूल्य 2000 करोड़ पहुंचने का अंदेशा
मधुकॉनप्रोजेक्ट लिमिटेड को काली सूची में डालने की अनुशंसा करने के बावजूद एनएचएआई मुख्यालय किसी भी तरह का फैसला लेने से परहेज कर रहा है। मुख्यालय को इस बात का अंदेशा है कि अगर मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड को काली सूची में डालकर नए सिरे एजेंसी के चयन की प्रकिया शुरू की गई, तो कम से कम एक साल का समय लग जाएगा। साथ ही प्रोजेक्ट मूल्य 1479 से बढ़कर 2000 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। मालूम हो कि रांची से महुलिया से एनएच-33 के चौड़ीकरण की लागत मूल्य 1479 करोड़ रुपए है।