गुरु का वचन मानने में ही सुख : संत हेमराज
जमशेदपुर | जोसिख सत्गुरु के वचन को सत्य कर मानता है, उसे दुनिया के सारे सुख मिलते हैं। यह बात मसूरी से आए संत हेमराज ने कही। वे शुक्रवार को संत निरंकारी मंडल की ओर से बारीडीह गणेश पूजा मैदान में आयोजित सत्संग में मानवता, भाईचारे एवं विश्व बंधुत्व विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि इंसान समय के सत्गुरु की शरण में जाकर निरंकार प्रभु का ज्ञान प्राप्त कर लें, तो उसे 84 लाख योनियों से मुक्ति मिल जाती है। उसमें अपने-पराए, जाति-पात, मजहबों के भेदभाव खत्म हो जाते हैं और सबमें एक प्रभु परमात्मा का रूप नजर आने लग जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक अज्ञान का अंधकार कायम रहता है, इंसान भ्रम और बंधनों में ही पड़ा रहता है। यही भ्रम और बंधन ठोकरों का कारण बनता है लेकिन उजाला होने पर सफर आसान हो जाता है। पुरातन इतिहास में जितने भी भक्त हुए हैं, भक्ति के रंग को ही महत्व दिया है। भक्ति के अभिन्न अंग सेवा, सुमिरन, सत्संग हैं। इन्हें अपनाए रखें और दिव्य गुणों से जीवन को सुशोभित किए रखें।