बेटी की तलाश के लिए धरना पर बैठे पिता
लापताबेटी की तलाश के लिए एक मजबूर पिता रविवार को साकची गोलचक्कर पर धरना पर बैठे। उन्होंने बेटी को खोजने में सहयोग की फरियाद की। मानगो के आजादनगर निवासी कृष्ण मुरारी मिश्र की 20 वर्षीय पुत्री निधि मिश्र छह माह से लापता है। उन्हें बेटी के अपहरण की आशंका है। 31 अगस्त 2015 की शाम को निधि सामान खरीदने घर से निकली थी। इसके बाद से नहीं लौटी। कृष्ण मुरारी ने हरसंभव ठिकाने पर तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। 2 सितंबर को उन्होंने आजादनगर थाना में बेटी के गायब होने की सूचना दर्ज कराई। लेकिन, थाना पुलिस से कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने वरीय पुलिस अिधकारी का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उनकी फरियाद नहीं सुनी गई। ऐसे में हताश होकर उन्होंने सांकेतिक धरना दिया।
कृष्ण मुरारी ने आजादनगर थाना पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। कहा- बेटी की सलामती और उसकी तलाश के लिए स्थानीय थाना से लेकर राष्ट्रपति तक को पत्र लिख चुके हैं। बेटी को तलाशने में सहयोग नहीं मिला तो वे आत्मदाह करेंगे। कृष्ण मुरारी सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े हैं। रविवार को वे दैनिक भास्कर के बिष्टुपुर कार्यालय आए और अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई।
जो भावनाओं से खेले, क्या ऐसी होती है पुलिस : मिश्र
कृष्णमुरारी मिश्र कहते हैं, “पुलिस की हकीकत वही जानता है, जिसे थाना से वास्ता पड़ा हो।’ फिर सवाल करते हैं, “जो लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करे, क्या ऐसी होती है पुलिस?’ उन्होंने कहा-आजादनगर थाना पुलिस के अजीबोगरीब सवाल से मुझे खून के आंसू रोना पड़ा है। बेटी की तलाश करने की बजाए पुलिस ने असंवैधानिक भाषा का इस्तेमाल किया। क्या गायब हुए लोगों की तलाश नहीं करती है पुलिस? मैंने पुलिस की कार्यशैली के विरोध में साकची गोलचक्कर पर सांकेतिक धरना दिया है। अब इंसाफ के सवाल पर मैं आत्मदाह करने से पीछे नहीं हटूंगा।
दोसाल पहले हुई थी बेटी की शादी
कृष्णमुरारी ने बताया कि दो वर्ष पहले मेरी बेटी निधि की शादी बिहार के औरंगाबाद स्थित सरवट गांव निवासी बलराम मिश्र से हुई थी। बलराम पेशे से वकील हैं। शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल में प्रताड़ना के बाद वह मायके गई थी। कुछ दिन बाद उसका पति जमशेदपुर आया और दोनों जुबिली पार्क जाने के नाम पर घर से निकले। वहां से मेरा दामाद उसे लेकर ससुराल चला गया। बाद में मैं बेटी को औरंगाबाद से जमशेदपुर ले आया था। अब छह माह पहले वह लापता हुई, तो अब तक पता नहीं चला।
{ मजबूर पिता की फरियाद- बेटी को खोजने में सहयोग करो
{ आजाद नगर थाना प्रभारी से लेकर राष्ट्रपति तक सबको भेजा पत्र
साकची गोलचक्कर पर धरना देते कृष्ण मुरारी मिश्र (बायीं ओर)।