महापुरुषों से समाज की पहचान : राय
महापुरुषोंसे समाज की पहचान होती है, इसलिए वे पूजनीय हैं। यह बातें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह महासम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रो. रवींद्र राय ने कहीं। वे रविवार को ब्रह्मर्षि विकास मंच की ओर से केबुल मैदान में आयोजित पारिवारिक महासम्मेलन में बोल रहे थे। प्रो. राय ने कहा कि ब्रह्मर्षि समाज के पूर्वजों का गौरवशाली इतिहास रहा है। समाज के महापुरुषों ने अत्याचार अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उनकी इस लड़ाई से समाज में शांति की स्थापना हुई थी। भगवान परशुराम ने राक्षसों का वध कर अत्याचार अन्याय से मुक्ति दिलाई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में जिस तरह की सामाजिक कुरीतियां हैं, उसे जितनी तेजी से समाप्त होनी चाहिए, वे उतनी तेजी से समाप्त नहीं हो रही हैं। इसे समाप्त करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद सेवानिवृत्त आईजी लक्ष्मण प्रसाद सिंह ने कहा कि ब्रह्मर्षि समाज एक ऐसा समाज है, जो हमेशा अत्याचार अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहा है। इसलिए युवा पीढ़ी भी अपने पूर्वजों के बताए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक उत्थान और राष्ट्र विकास में अपना योगदान दें। महासम्मेलन की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष चंद्रमाधव सिंह ने की, जबकि स्वागत भाषण संचालन महासचिव सुधीर कुमार सिंह ने किया।
दलितोंके मंदिर प्रवेश में योगदान : श्रीनिवास
वैज्ञानिकश्रीनिवास ने कहा कि आजादी की लड़ाई और दलितों के मंदिर प्रवेश में ब्रह्मर्षियों का योगदान है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में बिहार में गांधीजी को ब्रह्मर्षि राजकुमार शुक्ला का सहयोग नहीं मिलता, तो आंदोलन सफल नहीं होता। राजकुमार शुक्ला ने आजादी की लड़ाई में अपने आप को न्यौछावर कर दिया था। उन्होंने कहा कि जहां तक सामाजिक समरसता की बात है उसमें भी ब्रह्मर्षि आगे हैं। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह ने देवघर के मंदिर का प्रवेश द्वार दलितों के लिए खुलवाकर वंचितों को अधिकार दिलाने का काम किया था।
केबुल मैदान में आयोजित ब्रह्मर्षि विकास मंच के पारिवारिक महासम्मेलन में मंच पर बैठे अतिथि उपस्थित लोग।
महासम्मेलन का आयोजन तीन चरणों में किया गया। प्रथम चरण में युवा सत्र, दूसरे चरण में महिला सशक्तीकरण सत्र और तीसरे चरण में सामाजिक एकजुटता सामाजिक जागरूकता सत्र शामिल था। युवा सत्र में समाज के युवाओं ने सामाजिक, राजनीतिक आर्थिक स्थितियों से लेकर युवा कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा पर प्रकाश डाला। युवाओं ने कौशल विकास के साथ समाज का उत्थान और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया। महिला सशक्तीकरण सत्र में समाज की महिलाओं ने कहा कि वे अबला बन कर नहीं, बल्कि सहयोगी बन कर समाज में योगदान देना चाहती हैं। वहीं, तीसरे और अंतिम चरण में समाज के प्रबुद्ध लोगों ने सामाजिक एकजुटता जागरूकता पर बल दिया।
इनमुद्दों पर हुई विशेष चर्चा
सामाजिकइतिहास पृष्टभूमि, युवाओं का कौशल विकास, युवाओं का संस्कार भविष्य की योजना, आरक्षण, दहेज प्रथा, ब्रह्मर्षियों का आजादी की लड़ाई में एवं सामाजिक समरसता में योगदान, महिला सशक्तीकरण सामाजिक कुरीतियां।
वेबसाइटलांच और स्मारिका का विमोचन
अतिथियोंद्वारा ब्रह्मर्षि विकास मंच की वेबसाइट लांच की गई और स्मारिका का विमोचन किया गया। इसमें ब्रह्मर्षियों के अतीत से लेकर वर्तमान सामाजिक स्थिति की जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा समाज के महापुरुषों उनके पराक्रम का ब्योरा भी दिया गया है।
नृत्यसंगीत की प्रस्तुति ने मन मोहा
ब्रह्मर्षिविकास मंच की ओर से केबुल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में समाज के बच्चों ने नृत्य संगीत की प्रस्तुति दी। दर्शकों ने भी जमकर तालियों से उसका स्वागत किया। खासतौर से मीनाक्षी दत्ता ने एकल नृत्य कर लोगों का मनोरंजन किया।
^पारिवारिक मिलन समारोह से पहचान बढ़ती है। इसलिए कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए। सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए। ^बेबी सिंह
^पारिवारिक मिलन समारोह के आयोजन से सामाजिक जागरूकता एकजुटता बढ़ती है। इसलिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए। ^पूनम शर्मा