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जिले के 4,70,832 बच्चों को नि:शुल्क दवा देने का है लक्ष्य

5 वर्ष पहले
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राष्ट्रीयकृमि मुक्ति दिवस के मौके पर बुधवार को जिले के सभी सरकारी स्कूल आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को कृमि मारने वाली दवा नि:शुल्क दी गई। इससे पहले जुगसलाई के रामजानकी बालिका विद्यालय में कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई, जिसका उदघाटन जिला पार्षद की अध्यक्ष बुलू रानी सिंह ने बच्चों को दवा खिलाकर किया।

इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. श्याम कुमार झा समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इसके बाद विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में जिले के पोटका, पटमदा, घाटशिला, बहरागोड़ा, चकुलिया, धालभूमगढ़ प्रखंड के स्कूल आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को कृमि की दवा नि:शुल्क दी गई।

क्या है उपचार

कृमिनाशकदवा एलबेन्डाजोल का सेवन करें।

एक वर्ष से कम उम्र वाले बच्चे को यह दवा नहीं दी जा सकती।

1-2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली यानी 200 एमजी दवा दी जा सकती है।

2 वर्ष से ऊपर के बच्चों को एक गोली यानी 400 एमजी दवा देनी चाहिए।

दवा चबाकर खाना है, ताकि बच्चों के गला में फंसे।

{ पूरी तरह से पका हुआ खाना खाएं।

{ स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें।

{ जूता-चप्पल पहनें तथा साफ और शुद्ध पानी पीएं।

{ नाखून साफ छोटे रखें।

साफ शुद्ध पानी में सब्जियां फल धोएं।

{ खाने के पहले शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं

सिविल सर्जन ने कहा कि गुरुवार को भी जिले के सभी स्कूल आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह दवा दी जाएगी। इसके बाद 15 फरवरी को भी छूटे हुए बच्चों को दी जाएगी। सिविल के नेतृत्व में सुंदरनगर के कस्तूरबा बालिका विद्यालय के लड़कियों को कृमि नाशक दवा खिलाई गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा कल्याण विभाग की मदद से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें विभाग के अधिकारी कर्मचारी के अलावा सहिया, आंगनबाड़ी सेविका शिक्षक सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 1 से 19 वर्ष के बच्चों को एलबेन्डाजोल की गोली दी जा रही है। इससे उनके पेट की कृमि समाप्त हो जाएगी। इस दवाई की खासियत यह है कि इसके सेवन से किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं होता है। उन्होंने कहा कि 1-14 वर्ष तक के 68 प्रतिशत बच्चों में यह संक्रमण अधिक होता।

{हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आमतौर पर कोई लक्षण दिखाई नहीं देता।

{ तीव्र संक्रमण से कई लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी और भूख में कमी।

{ कृमि की संख्या में जितनी अधिकता होगी, संक्रमण के लक्षण उतना अधिक होता है।

{ पेट में दर्द सूजन, उल्टी दस्त।

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